सर्दियों के दौरान, कई लोग आलसी हो जाते हैं। लंबे समय तक रजाई में रहने की आदत आपके दिल की सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। सुबह देर से उठना और शारीरिक गतिविधियों की कमी हार्ट हेल्थ पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। एशियन हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रतीक चौधरी से जानें कि सर्दियों में आलस्य कैसे आपके दिल के लिए खतरा बन सकता है।
व्यायाम की कमी
सर्दियों में लोग आमतौर पर वॉक, जिम और योग कम कर देते हैं। ठंड के मौसम में लोग घर पर आराम करना पसंद करते हैं। डॉक्टर के अनुसार, नियमित व्यायाम दिल की सेहत के लिए लाभकारी होता है। जब सर्दियों में शारीरिक गतिविधि कम होती है, तो दिल पर दबाव बढ़ने लगता है। व्यायाम की कमी से रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे रक्तचाप और शुगर स्तर असंतुलित हो सकते हैं, और हार्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
वजन बढ़ना
सर्दियों में भूख बढ़ जाती है, जिससे लोग तले-भुने और मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने लगते हैं। इसके साथ ही, शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कैलोरी बर्न नहीं हो पाती, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है। अधिक वजन दिल की सेहत के लिए हानिकारक होता है। जब शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होता है, तो यह धमनियों को संकरा कर देता है, जिससे दिल को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
कोलेस्ट्रॉल पर प्रभाव
सर्दियों में उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। इस मौसम में LDL का स्तर बढ़ता है जबकि HDL कम हो जाता है। बढ़ा हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल दिल की सेहत के लिए बेहद खतरनाक होता है। जब धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होता है, तो रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टर से सुझाव
सर्दियों में आलस्य को अपने ऊपर हावी न होने दें। ठंड के मौसम में रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें, साथ ही हल्की वॉक और स्ट्रेचिंग करें। अपने आहार में हरी सब्जियां, फल और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। ठंड में तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचें।
