सरकार ने MSMEs और एयरलाइंस के लिए 18,100 करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट योजना को दी मंजूरी
MSMEs और एयरलाइंस के लिए राहत की योजना
केंद्र सरकार ने मंगलवार को माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs), एयरलाइंस और अन्य कंपनियों के लिए 18,100 करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना को मंजूरी दी है। यह योजना पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए बनाई गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों की कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस योजना के माध्यम से 2.55 लाख करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज प्रवाह सुनिश्चित होने की संभावना है.
सरकार की पहल से दबाव कम होगा
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना MSMEs और एयरलाइन सेक्टर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए बनाई गई है। सरकारी बयान में कहा गया है कि यह क्रेडिट गारंटी योजना व्यवसायों को संचालन जारी रखने, रोजगार की सुरक्षा, सप्लाई चेन को बनाए रखने और घरेलू उत्पादन को निर्बाध रूप से चलाने में सहायता करेगी। समय पर तरलता उपलब्ध कराने से न केवल नौकरियों के नुकसान को रोका जा सकेगा, बल्कि आर्थिक तंत्र की मजबूती भी बनी रहेगी.
पश्चिम एशिया संकट से निपटने में मदद
सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस योजना का उद्देश्य व्यवसायों को पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में मदद करना है। यह योजना MSMEs और एयरलाइन सेक्टर सहित विभिन्न उद्योगों की अतिरिक्त कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
नौकरियों की सुरक्षा में सहायक
सरकार का कहना है कि समय पर तरलता उपलब्ध कराने से यह योजना व्यवसायों को स्थिर बनाए रखने और नौकरियों के नुकसान को रोकने में मदद करेगी। इसके अलावा, यह घरेलू उत्पादन को बिना रुकावट जारी रखने और पूरे आर्थिक तंत्र की मजबूती बनाए रखने में भी सहायक होगी। फरवरी में शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण MSMEs और एयरलाइंस सेक्टर को भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है.
