सरकार ने LPG और PNG कनेक्शन धारकों के लिए नए नियम लागू किए
सरकार का नया कदम
सरकार ने रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल पात्र उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति मिले, एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले घरों की पहचान की जा रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 14 मार्च को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें एलपीजी आपूर्ति एवं वितरण आदेश, 2000 में संशोधन किया गया। इसके तहत पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी कनेक्शन रखने या उसे भराने से प्रतिबंधित किया गया है।
उपभोक्ताओं की संख्या
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि डबल गैस कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं का आंकलन किया जा रहा है। अब तक 43,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन को सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह संख्या अपेक्षा से कम है और हमें उम्मीद है कि यह आंकड़ा बढ़ेगा।
एक कनेक्शन का सरेंडर अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। इसके साथ ही, उन्हें नया एलपीजी कनेक्शन लेने से भी रोका गया है। सरकारी तेल कंपनियों और उनके वितरकों को ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन देने या सिलेंडर भरने से मना किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
यह कदम उन घरों को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है, जिनके पास पाइपयुक्त रसोई गैस की सुविधा नहीं है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बने वैश्विक दबाव के बीच, भारत को अपने गैस आवंटन को फिर से समायोजित करना पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। वर्तमान स्थिति में, सरकार ने नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर भी रोक लगा दी है।
