सपा सांसद डिंपल यादव ने नीट प्रश्नपत्र लीक पर उठाए गंभीर सवाल

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों पर बल प्रयोग करने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लोकसभा में चर्चा के दौरान पिछले 40 दिनों में आत्महत्या करने वाले छात्रों का जिक्र किया और सवाल उठाया कि जब 2024 में कानून लाया गया था, तब भी यह लीक क्यों हुआ। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की हिम्मत की सराहना की और सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। इस चर्चा में कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने भी अपनी बात रखी, जिससे यह मुद्दा और भी गरमाया।
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नीट प्रश्नपत्र लीक पर सांसद का आरोप

नई दिल्ली, 28 जुलाई: समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने मंगलवार को नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों पर बल प्रयोग करने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों को अपमानित किया है। लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा करते हुए, उन्होंने पिछले 40 दिनों में आत्महत्या करने वाले 20 छात्रों का जिक्र किया और सवाल उठाया, '2024 में कानून लाने के बावजूद यह लीक क्यों हुआ?'


उन्होंने यह भी कहा, 'क्या यह सरकार का कोई षडयंत्र है? या फिर यह सिस्टम में स्थायी लीक है?' डिंपल यादव ने प्रदर्शन कर रहे 'जेन जेड' छात्रों की हिम्मत की सराहना की, जिन्होंने प्रशासन का सामना किया और सरकार के सामने झुकने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'आपने उन लोगों को कफन पहनाया जो गांधी जी के विचारों के साथ सत्य और अहिंसा की लड़ाई लड़ रहे थे।'


सांसद ने आगे कहा, 'आपने बेटियों के कपड़े फाड़े, पैलेट गन का इस्तेमाल किया और बिहार में एके-47 का सहारा लिया।' उन्होंने भाजपा सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि आपातकाल का असली अनुभव सड़कों पर आकर देखना चाहिए था, जबकि वे संसद में सुरक्षित बैठे थे।


कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार ने इस विधेयक को गंभीरता से नहीं लाया। उन्होंने कहा कि 2024 में भी इसी तरह का कानून बनाया गया था और अब सजा के प्रावधान को और कड़ा किया गया है।


हुड्डा ने यह भी कहा कि 'त्वरित अदालत' भाजपा का एक नया जुमला है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर नीट पेपर फिर से लीक होता है, तो शिक्षा मंत्री को पहले इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने किसान आंदोलन और पहलवानों के विरोध को दबाने के लिए इसी 'टूल किट' का इस्तेमाल किया।


लोजपा (रामविलास) के अरूण भारती ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि पेपर लीक की सूचना देने वाले को सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हर रद्द परीक्षा की जांच सार्वजनिक होनी चाहिए।


कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री यह नहीं सुनना चाहते कि सांसद क्या कह रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के वीडियो का हवाला देते हुए गृह मंत्री से निष्पक्ष जांच का आदेश देने की मांग की।


तृणमूल कांग्रेस की शर्मिला सरकार ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक अधिकार है और सभी को अपनी आवाज उठाने का हक है। उन्होंने छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की।


शिवसेना (उबाठा) के अरविंद सावंत ने पिछले 10-15 वर्षों में हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा आंदोलन नहीं देखा। उन्होंने मुंबई में रिया अहीर के पुलिस वाहन के सामने खड़े होने का उदाहरण दिया।


आईयूएमएल के ई टी मोहम्मद बशीर ने कहा कि नीट संकट केवल एक परीक्षा का संकट नहीं, बल्कि जन विश्वास का संकट है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक विश्वविद्यालय की इमारतों को ढहाने के लिए प्रशासनिक आदेश की बात की।