सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सख्त नियम और पेट्रोलिंग उपाय

सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए ओवर स्पीडिंग और नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच, 1 लाख से अधिक चालान काटे गए हैं, जिससे भारी जुर्माना वसूला गया है। एडीजी सुधांशु कुमार ने 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा है। आधुनिक पेट्रोलिंग वाहनों और जीपीएस तकनीक का उपयोग कर, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सख्त नियम और पेट्रोलिंग उपाय

सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता आंकड़ा

ओवर स्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गई गहन जांच में यह बात सामने आई है कि इस वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच, राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1 लाख 73 हजार 143 चालान काटे गए हैं, जिससे 26 करोड़ 27 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इनमें से अधिकांश चालान ओवरस्पीडिंग के कारण हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सीट बेल्ट न लगाने और गलत ओवरटेकिंग जैसे अन्य नियमों का उल्लंघन भी शामिल है, जो सड़क पर लापरवाही का संकेत देते हैं।


सड़क सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम

सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। एडीजी (यातायात) सुधांशु कुमार ने बताया कि 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए, 3000 किमी से अधिक लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों पर आधुनिक पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती की गई है। ये वाहन ओवर स्पीडिंग की जांच करते हैं और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं।


नई तकनीक का उपयोग

इन पेट्रोलिंग वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाया जा रहा है, जिससे यह ट्रैक किया जा सकेगा कि कौन से वाहन किस क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे हैं। यदि कोई वाहन अपनी सीमा से बाहर जाता है, तो उसे उचित निर्देश दिए जा सकेंगे। इसके अलावा, पटना मुख्यालय से कमांड भेजकर जरूरत पड़ने पर ऐसे वाहनों को रोका भी जा सकेगा। जल्द ही 58 और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन इस प्रणाली में शामिल होने वाले हैं, जिससे पूरे एनएच पर पेट्रोलिंग में सुविधा होगी।