सक्ती जिले के पावर प्लांट में भीषण विस्फोट, 9 मजदूरों की मौत

सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें 9 श्रमिकों की जान चली गई और 30 से अधिक घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की है। जानें इस घटना के सभी विवरण और राहत कार्य की स्थिति।
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सक्ती जिले में पावर प्लांट में विस्फोट

सक्ती जिले के पावर प्लांट में भीषण विस्फोट, 9 मजदूरों की मौत

नई दिल्ली। सक्ती जिले के सिंघीतराई में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को एक गंभीर बॉयलर विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। अचानक हुए इस हादसे के बाद प्लांट परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया, जिससे वहां काम कर रहे श्रमिकों में अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के श्रमिक जान बचाने के लिए भागने लगे। इस घटना में 9 मजदूरों की जान चली गई है।

सूत्रों के अनुसार, जब यह हादसा हुआ, तब प्लांट में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत थे। लगभग 30 श्रमिक घायल हुए हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद प्लांट में भगदड़ मच गई थी, कई श्रमिक झुलस गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। बचाव दल ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने घटनास्थल को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

हादसे के कारणों की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, बॉयलर के फटने को हादसे का कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही सही कारण सामने आएगा।

पीएम मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है।

मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता
प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने भी जताया दुख
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल प्रशासन घायलों के उपचार और राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है।

बॉयलर के ट्यूब फटने से हुआ हादसा- पुलिस
पुलिस अधीक्षक प्रफुल ठाकुर के अनुसार, बॉयलर के ट्यूब फटने के कारण यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। कुछ श्रमिकों के अब भी प्लांट परिसर में फंसे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल प्रयासरत है।

वेदांता पावर प्लांट का बयान
वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता ने कहा कि 14 अप्रैल 2026 को हमारे पावर प्लांट के बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें हमारे सब-कॉन्ट्रैक्टर NGSL के कर्मचारी शामिल थे।

संकट के समय प्रभावित परिवारों के साथ- वेदांता
हमारी प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता और उपचार प्रदान करना है। हम घायलों को पूर्ण सहयोग दे रहे हैं और चिकित्सा टीमों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में हैं।

हम इस घटना के सभी विवरणों का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं और सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और सहानुभूति प्रभावित परिवारों के साथ हैं।