संसद में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही का अपडेट

इस लेख में संसद की हालिया कार्यवाही का विवरण दिया गया है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा की महत्वपूर्ण चर्चाएँ शामिल हैं। कृषि मंत्रालय के अनुदान, बीएसएनएल के निजीकरण की चिंताओं और सेवानिवृत्त सांसदों की विदाई पर चर्चा की गई है। जानें कि कैसे ये मुद्दे देश की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
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संसद में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही का अपडेट

संसद की संयुक्त समिति का कार्यकाल बढ़ा

संसद की संयुक्त समिति, जो लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने से संबंधित विधेयकों पर विचार कर रही है, का कार्यकाल बुधवार को मानसून सत्र तक बढ़ा दिया गया। इसी दिन लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ग्रामीण डाक सेवकों से जुड़े सवाल पूछे गए, लेकिन संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुपस्थिति पर अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी व्यक्त की। इस सप्ताह बृहस्पतिवार और शुक्रवार को संसद में अवकाश रहेगा, जिसके कारण अगले सप्ताहांत में शनिवार और रविवार को दोनों सदनों की बैठक आयोजित की जाएगी। लोकसभा के पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने सदस्यों को सूचित किया कि 19 और 20 मार्च को निर्धारित बैठकें रद्द कर दी गई हैं, और उनकी जगह 28 और 29 मार्च को बैठकें होंगी, जिनमें प्रश्नकाल नहीं होगा.


लोकसभा की कार्यवाही में कृषि मुद्दे पर चर्चा

लोकसभा ने 2026-27 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुदान की मांगों को मंजूरी दी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के सदस्यों के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने एमएसपी के मुद्दे पर किसानों को धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को एमएसपी दिया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने इससे इनकार किया था.


समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विस्तृत चर्चा की मांग की और चेतावनी दी कि यह समझौता भारतीय किसानों के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने सरकार से दलहन और तिलहन पर एमएसपी सुनिश्चित करने का आग्रह किया.


केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीएसएनएल के निजीकरण की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह सार्वजनिक उपक्रम देशवासियों की सेवा के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल ने 2024-25 की अंतिम दो तिमाही में लाभ कमाया है.


कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया और एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग की.


राज्यसभा की कार्यवाही में विदाई समारोह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को विदाई देते हुए संसद को 'एक खुला विश्वविद्यालय' बताया। उन्होंने सेवानिवृत्त सांसदों से राष्ट्रीय जीवन में योगदान जारी रखने का आह्वान किया और कहा कि राजनीति में कोई 'फुल स्टॉप' नहीं होता.


राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सेवानिवृत्त सदस्यों को विदाई दी और सदन की कार्यवाही के नियमों की समीक्षा की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि सदन में अधिक बैठकें होनी चाहिए ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा सके.