संसद में पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक में हंगामा
सर्वदलीय बैठक का हंगामेदार माहौल
बुधवार को संसद परिसर में आयोजित सर्वदलीय बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध की स्थिति पर चर्चा हुई। इस बैठक में सरकार ने भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तान पर तीखा हमला किया, जबकि विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति को 'असंतोषजनक' बताया।
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की बातचीत
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत में पश्चिम एशिया के युद्ध को तुरंत समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध का वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानवता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए इसे जल्द खत्म किया जाना चाहिए।
पाकिस्तान पर तीखा हमला
बैठक का एक प्रमुख बिंदु तब बना जब सरकार ने पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों को खारिज कर दिया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा 1981 से केवल 'इस्तेमाल' किया जा रहा है। सरकार ने पाकिस्तान को 'दलाल राष्ट्र' करार देते हुए कहा, 'हम दलाल राष्ट्र नहीं हैं। हमारे प्रयास स्वतंत्र और ठोस हैं।' यह बयान विपक्ष के उस आरोप के जवाब में आया जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान जैसा 'कमजोर' देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने विपक्ष के आरोप का खंडन किया कि वह इस मामले पर चुप है। सरकार ने कहा कि जब ईरान का दूतावास खोला गया, तो विदेश सचिव ने तुरंत वहां दौरा किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करने में देरी की है।
भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर चिंता
सरकार ने राजनीतिक दलों को सूचित किया कि उसकी प्राथमिक चिंता खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। विपक्ष ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था और उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा की मांग की।
बैठक में शामिल नेता
संसद भवन परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू शामिल हुए। विपक्ष की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर, मुकुल वासनिक, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और अन्य नेता शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस इस बैठक में शामिल नहीं हुई।
