संसद में पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसद में पश्चिम एशिया संकट पर एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया, जबकि कुछ विपक्षी नेताओं ने इसमें शामिल न होने का निर्णय लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों पर चर्चा करना है। राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति की आलोचना की और अधिक पारदर्शिता की मांग की। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या कहा गया।
| Mar 25, 2026, 18:24 IST
सर्वदलीय बैठक की शुरुआत
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसद में पश्चिम एशिया संकट पर एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी शामिल हैं। इसके अलावा, बीजेडी के सस्मित पात्रा, जेडीयू के लल्लन सिंह, कांग्रेस के मुकुल वासनिक, सपा के तारिक अनवर, धर्मेंद्र यादव और सीपीआईएम के जॉन ब्रिटास जैसे अन्य दलों के नेता भी बैठक में उपस्थित हैं।
बैठक का उद्देश्य
इस बैठक का मुख्य फोकस भारत पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों पर है, जिसमें तेल की आपूर्ति, आवश्यक सेवाएं और क्षेत्रीय सुरक्षा शामिल हैं। कई राजनीतिक दल इस चर्चा में भाग ले रहे हैं, जबकि कुछ विपक्षी नेताओं ने इसमें शामिल न होने का निर्णय लिया है, जो अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के समय में विदेश नीति पर उनके मतभेदों को दर्शाता है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बैठक का बहिष्कार किया है, जबकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 24 मार्च को कहा था कि वे एक निर्धारित कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे।
राहुल गांधी की टिप्पणी
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों और उनके भारत पर प्रभाव के बारे में अधिक पारदर्शी होना चाहिए। बैठक में उपस्थित नेताओं में सस्मित पात्रा (बीजेडी), लल्लन सिंह और संजय झा (जेडीयू), तारिक अनवर और मुकुल वासनिक (कांग्रेस) और जॉन ब्रिटास (सीपीआई-एम) शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी बैठक में मौजूद हैं।
