संसद में एनडीए की रणनीति: छात्र आंदोलन और विधेयकों पर चर्चा
संसद का मानसून सत्र और एनडीए की बैठक
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष छात्र आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है, जिससे दोनों सदनों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस बीच, सत्तारूढ़ पक्ष ने अपनी राजनीतिक रणनीतियों को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं। आज संसद परिसर में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक केवल फ्लोर मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संकेत भी दिया कि एनडीए अब संसद में और अधिक आक्रामक तरीके से आगे बढ़ने की योजना बना रहा है। खास बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बनी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद पहली बार एनडीए की इस बैठक में शामिल हुए, जिससे विपक्षी खेमे में हलचल बढ़ गई।
बैठक में प्रमुख नेता शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इन बैठकों का उद्देश्य संसद के भीतर सहयोगी दलों के बीच तालमेल बढ़ाना, विधेयकों पर साझा रणनीति बनाना और विपक्ष के हमलों का एकजुट होकर सामना करना है।
पब्लिक एग्जामिनेशंस विधेयक पर चर्चा
इस बार बैठक का मुख्य एजेंडा पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक-2026 था। सोमवार को लोकसभा में पेश किए गए इस विधेयक पर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच एनडीए ने चर्चा को आगे बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार का दावा है कि यह कानून पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों पर अब तक का सबसे कठोर प्रहार साबित होगा। सरकार का कहना है कि अब केवल 'नकलची' नहीं, बल्कि पूरे 'पेपर लीक उद्योग' पर कानूनी शिकंजा कसने की योजना है। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को केवल कानून का सवाल नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का विषय बना रहा है।
एनसीपीआई सांसदों की उपस्थिति
आज की मंगल मिलन बैठक में एनसीपीआई सांसदों की पहली उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि एनडीए संसद में अपने कुनबे को बढ़ाने में जुटा है। सत्तारूढ़ पक्ष ने विपक्ष को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी रणनीति बचाव की नहीं, बल्कि पलटवार की है। एनसीपीआई की सांसद सायोनी घोष ने कहा, 'मैंने राजग की बैठक में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में यह एक अत्यंत ज्ञानवर्धक बैठक थी।' उन्होंने लोकसभा में चर्चा के लिए पेश किए जाने वाले विधेयक का समर्थन करने की बात की।
बैठक में चर्चा के विषय
एक अन्य सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि यह पहला मौका था जब एनसीपीआई के 20 सांसदों को राजग की बैठक में आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा, 'हमें देश की प्रगति, मुक्त व्यापार समझौतों और किसानों के बारे में जानकारी दी गई।' अभिनेत्री से नेता बनीं शताब्दी रॉय ने कहा कि बैठक में 'सार्थक चर्चा' हुई। उन्होंने कहा, 'हमने पहले ऐसी चीजें नहीं देखी थी। यह सब व्यवस्थित था।' वहीं, शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने कहा कि संबंधित मंत्रियों ने व्यापार और मत्स्य पालन के क्षेत्र में हुई वृद्धि पर प्रस्तुतियां दीं।
