संसद ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाए

संसद ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 27 मार्च को वित्त विधेयक की स्वीकृति के लिए लोकसभा में चर्चा होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदस्यों को आगामी कार्यक्रम में बदलावों की जानकारी दी है। इस बार वित्त विधेयक को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि सामान्यतः शुक्रवार का दिन निजी विधेयकों के लिए आरक्षित होता है। जानें इस प्रक्रिया के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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संसद ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाए

बजट प्रक्रिया की तैयारी

संसद वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका उद्देश्य 27 मार्च को वित्त विधेयक 2026 को स्वीकृति देना है। यह स्वीकृति लोकसभा में सफलतापूर्वक पारित होने के बाद प्राप्त हुई है, और अब इसे उच्च सदन में विचार के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा सदस्यों को आगामी कार्यक्रम में बदलावों की जानकारी दी और सरकार के एजेंडे से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। सामान्यतः शुक्रवार का दिन निजी विधेयकों के लिए निर्धारित होता है, लेकिन इस बार वित्त विधेयक को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि यह अधिक महत्वपूर्ण है।


सप्ताहांत सत्र का पुनर्विचार

सरकार ने सप्ताहांत में सत्र आयोजित करने की अपनी पूर्व योजना पर पुनर्विचार किया और पारंपरिक साप्ताहिक अवकाश का पालन करने का निर्णय लिया। संसद का नियमित सत्र 30 मार्च से फिर से शुरू होगा। रिजिजू ने पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा में इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस पर चर्चा की गई थी, जिसमें कई सदस्यों ने सुझाव दिया था।


सदन की बैठकें और अवकाश

रिजिजू ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 मार्च को सदन में (रामनवमी का) अवकाश रहेगा और 27 मार्च को बैठक होगी जिसमें सरकारी कामकाज होगा। उन्होंने कहा कि इस शुक्रवार को सदन में गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा। अब शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा और सदन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दो अप्रैल तक संचालित होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में भी इसी प्रकार की घोषणा की। पिछले सप्ताह संसद में यह घोषणा की गई थी कि 19 और 20 मार्च को नवरात्रि, गुड़ीपड़वा और रमजान जैसे त्योहारों के कारण दोनों सदनों की बैठकें नहीं होंगी, और इसकी भरपाई के लिए 28 और 29 मार्च को सदन की बैठकें आयोजित की जाएंगी।