संसद के मानसून सत्र में हंगामा: नीट पेपर लीक और राम मंदिर ट्रस्ट पर चर्चा की मांग
संसद का पहला दिन हंगामेदार
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत ही भारी हंगामे के साथ हुई। सोमवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस के कई प्रमुख सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में मोर्चा खोल दिया। विपक्ष ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) में कथित पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय विवादों पर तुरंत चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन नोटिस दिए हैं।
विपक्ष इन गंभीर मुद्दों पर संसद के अन्य सभी कार्यों को रोककर तात्कालिक बहस कराने पर अड़ा हुआ है।
नीट पेपर लीक पर गंभीर चिंताएं
कांग्रेस ने नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे को उठाते हुए चर्चा की मांग की। उनके नोटिस में कहा गया है कि नीट समेत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में 152 तक प्रश्नपत्र लीक के मामले सामने आए हैं, लेकिन इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों या कोचिंग गिरोहों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
शिक्षा मंत्री पर सवाल
कांग्रेस सांसद टैगोर ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार विफल हो रही परीक्षा व्यवस्था के बावजूद मंत्री पद पर बने रहना चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में इस साल पांच छात्रों ने आत्महत्या की है, जो नीट से उत्पन्न दबाव और मानसिक तनाव का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि ये घटनाएं एक ऐसी परीक्षा प्रणाली का परिणाम हैं जो 'चरमराई हुई और अपारदर्शी' है।
दलबदल रोधी कानून पर चर्चा की मांग
इस बीच, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कार्यस्थगन का नोटिस देकर दलबदल रोधी कानून के नए स्वरूप पर चर्चा की मांग की। उन्होंने प्रश्नकाल और शून्यकाल को स्थगित कर बड़े पैमाने पर राजनीतिक दलबदल को रोकने वाले कानून पर चर्चा कराने का आग्रह किया।
राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य रंजीत रंजन ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर तत्काल चर्चा की मांग की। कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने भी राम मंदिर मामले पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया।
