संसद का मानसून सत्र: हंगामेदार शुरुआत की उम्मीद
संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है
सोमवार से संसद का मानसून सत्र आरंभ होने जा रहा है, जिसमें हंगामे की संभावना जताई जा रही है। सत्र की शुरुआत से पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक और लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए। विपक्ष ने नीट (NEET) पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर चंदा घोटाला और मणिपुर हिंसा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई है, जबकि सरकार ने विधायी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील की है। यह सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है.
विधेयकों पर चर्चा और सहयोग की अपील
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बताया कि मानसून सत्र के लिए आठ विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं। यदि कोई अतिरिक्त विधायी कार्य होगा, तो उस पर कार्य मंत्रणा समिति में चर्चा की जाएगी और राजनीतिक दलों को सूचित किया जाएगा। रीजीजू ने सभी राजनीतिक दलों से सरकार द्वारा लाए जाने वाले विधेयकों पर सार्थक चर्चा के साथ सहयोग करने की अपील की। सर्वदलीय बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) से जुड़े बगावत के मामलों को लेकर विपक्षी दलों ने कुछ समय के लिए बहिर्गमन किया।
विपक्ष की चिंताएँ और मुद्दे
विपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को बैठक में आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने राम मंदिर ‘चंदा चोरी’, एथनॉल, छात्रों से जुड़े मुद्दों और मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग की है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रश्नपत्र लीक, निर्वाचन आयोग की कथित एकपक्षीय कार्यवाही और सरकारी सेवाओं में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग की कथित उपेक्षा का मुद्दा उठाया।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार से स्पष्टता
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सांसद तिरुची शिवा ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर सरकार से स्पष्ट फार्मूला पेश करने की मांग की। सर्वदलीय बैठक के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बीएसी की बैठक हुई, जिसमें बिरला ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से चलाने में सहयोग देने की अपील की।
विपक्ष की रणनीति
विपक्षी दलों के प्रमुख नेता सोमवार सुबह 10 बजे बैठक करेंगे, जिसमें दोनों सदनों के लिए अपनी रणनीति तय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में होगी। इसमें विभिन्न विपक्षी दलों के सदनों के नेता शामिल होंगे।
विधेयकों की सूची
इस सत्र के दौरान राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक तथा आयकर (संशोधन) विधेयक समेत कई विधेयक पेश किए जाने की योजना है। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने की संभावना है।
