संसद का बजट सत्र स्थगित नहीं होगा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन की संभावना
संसद का बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा, और अप्रैल में फिर से शुरू होने की संभावना है। इस सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन आयोग विधेयक पर चर्चा की जाएगी। महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जन विश्वास विधेयक पर चर्चा करते हुए भरोसे की संस्कृति बनाने की बात की। जानें इस महत्वपूर्ण सत्र के बारे में और क्या-क्या प्रस्तावित है।
| Apr 2, 2026, 02:00 IST
संसद का बजट सत्र जारी रहेगा
संसद का वर्तमान बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, संसद का अगला सत्र अप्रैल के तीसरे सप्ताह में फिर से शुरू होने की उम्मीद है। इस सत्र के प्रमुख मुद्दों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन और परिसीमन आयोग विधेयक का परिचय शामिल हो सकता है। माना जा रहा है कि स्थगन के समय तिथियों की घोषणा की जाएगी। इस विधेयक में लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है, जिसमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
महिलाओं के लिए आरक्षण का उद्देश्य
यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बाद उठाया गया है, जिसका लक्ष्य महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करना है। इसे 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर परिसीमन के बाद लागू किया जाना है। सरकार इन परिवर्तनों को 31 मार्च, 2029 तक लागू करने के लिए संसद की मंजूरी का इंतजार कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए के कुछ घटक दलों और चुनिंदा विपक्षी नेताओं से इस मुद्दे पर चर्चा की है, लेकिन कांग्रेस और टीएमसी जैसी प्रमुख पार्टियों से अभी तक परामर्श नहीं किया गया है। एक निष्पक्ष परिसीमन आयोग निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की देखरेख करेगा, जिसमें महिला राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जन विश्वास विधेयक पर चर्चा
इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि जन विश्वास विधेयक का उद्देश्य भरोसे की एक संस्कृति का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि यह संस्कृति भय के आधार पर नहीं, बल्कि कर्तव्य के आधार पर विकसित होगी। गोयल ने ‘जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून में सबसे बड़ा प्रावधान यह है कि यह आपको सुधारने का अवसर देता है।
विधेयक को मिली मंजूरी
गोयल के उत्तर के बाद सदन ने कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि कई प्रावधानों में छोटी-मोटी गलती होने पर पहले चेतावनी दी जाएगी। दूसरी बार गलती करने पर दंड लगेगा, और यदि कोई गंभीर गलती होती है तो तीसरी बार दंड बढ़ जाएगा और अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। मंत्री ने इसे ‘चरणबद्ध कार्रवाई’ कहा, जिससे व्यक्ति को सुधारने का मौका मिलेगा।
