संभल में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र में रविवार को प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। भारी पुलिस बल और तीन बुलडोजरों के साथ पहुंची टीम ने सरकारी भूमि पर स्थित एक मदरसे और एक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, एक अन्य मामले में, ग्रामीणों ने प्रशासन के आने से पहले ही खुद हथौड़ों का उपयोग करके अवैध मस्जिद को तोड़ दिया।
मस्जिद का ध्वंस
हाजीपुर गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां 1339 वर्ग मीटर (लगभग डेढ़ बीघा) सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया था। जब तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन्हें केवल मलबा मिला। ग्रामीणों ने रातभर मेहनत करके मस्जिद को खुद ही ढहा दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
तहसीलदार ने कहा कि यह सकारात्मक है कि लोगों ने खुद अवैध निर्माण को हटाने का निर्णय लिया। प्रशासन ने तीन घंटे की मेहनत के बाद वहां से सभी मलबे को साफ कर दिया।
मदरसे और दूसरी मस्जिद पर कार्रवाई
हाजीपुर गांव में मस्जिद से 500 मीटर की दूरी पर स्थित 1500 वर्ग मीटर भूमि पर बने मदरसे को भी प्रशासन ने तीन बुलडोजरों की सहायता से ध्वस्त कर दिया। डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि मदरसे के नाम पर कब्जा कर वहां दुकानें बनाई गई थीं और किराया वसूला जा रहा था।
राया बुजुर्ग में कार्रवाई
गांव हाजीपुर से 11 किमी दूर राया बुजुर्ग में भी एक अवैध मस्जिद को दो बुलडोजरों से तोड़ा गया। यह मस्जिद भी सरकारी भूमि पर बनी थी और हाईकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली
डीएम राजेंद्र पेंसिया के अनुसार, इन संपत्तियों के खिलाफ तहसीलदार कोर्ट से पहले ही ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हो चुके थे। मस्जिद और मदरसा कमेटियां हाईकोर्ट भी गई थीं, लेकिन उनकी अपील भी खारिज कर दी गई।
जुर्माने की कार्रवाई
अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कुल 58 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें मस्जिद के मुतवल्ली पर अकेले 8.78 लाख रुपए का जुर्माना शामिल है।
पट्टों का वितरण
कार्रवाई के तुरंत बाद प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। डीएम और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने मौके पर ही 20 चयनित लाभार्थियों को उस भूमि के पट्टे सौंप दिए, जहां से अवैध कब्जा हटाया गया था। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
