संबल में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा: 60 से अधिक घरों को मिल रही थी मुफ्त बिजली

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बिजली चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां 60 से अधिक घरों को अवैध रूप से बिजली मिल रही थी। डीएम और एसपी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में एक अंडरग्राउंड मिनी पावर स्टेशन का खुलासा हुआ। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और बिजली चोरी करने वालों में डर का माहौल बन गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
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संबल में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा: 60 से अधिक घरों को मिल रही थी मुफ्त बिजली

संबल में बिजली चोरी का मामला

संबल में बिजली चोरी का बड़ा खुलासा: 60 से अधिक घरों को मिल रही थी मुफ्त बिजली


उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 60 से अधिक घरों में लोग चोरी की बिजली का उपयोग कर रहे थे। जबकि आम नागरिक भारी बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए मजबूर हैं, यह मामला तब उजागर हुआ जब जिला प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया।


डीएम और एसपी ने की छापेमारी

डीएम डॉ. राजेंद्र पैसिया और एसपी कृष्ण विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस, पीएसी और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने रात के समय संभल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी की। रायसत्ती, दीपा सराय, सराय तरीन, नवाबखेल, गुन्नौर और बबराला जैसे मोहल्लों में घर-घर जाकर जांच की गई।


अवैध मिनी पावर स्टेशन का खुलासा

छापेमारी के दौरान अधिकारियों को एक घर में अवैध रूप से संचालित एक अंडरग्राउंड मिनी पावर स्टेशन मिला। जांच में पता चला कि इसी सिस्टम के माध्यम से लगभग 50 से 60 घरों को चोरी की बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। यह नेटवर्क जमीन के नीचे बिछाई गई केबलों के जरिए काम कर रहा था।


चोरी की बिजली से अन्य संस्थान भी प्रभावित

अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध पावर सिस्टम से केवल घरों को ही नहीं, बल्कि एक मस्जिद, दूध की डेयरी और कई अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट्स को भी बिजली मिल रही थी। मौके से अवैध केबल, ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण जब्त किए गए और सभी अवैध कनेक्शन तुरंत काट दिए गए।


बिजली विभाग का बयान

बिजली विभाग ने जानकारी दी कि इन क्षेत्रों में लाइन लॉस 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इसे रोकने के लिए यह सख्त अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान सीओ संभल आलोक भाटी, सीओ असमोली कुलदीप सिंह, एएसपी कुलदीप सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौजूद थे।


डीएम का सख्त संदेश

डीएम डॉ. राजेंद्र पैसिया ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चिन्हित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


इलाके में हड़कंप

यह अभियान सांसद जियाउर्रहमान बर्क के गृह क्षेत्र रायसत्ती और नखासा से शुरू किया गया। एक दर्जन से अधिक टीमें भारी पुलिस बल के साथ जांच में जुटी हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और बिजली चोरी करने वालों में डर का माहौल बन गया है।