संजय सिंह ने ईंधन कीमतों में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने हाल ही में ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों का पालन कर रही है और तेल की खरीद के लिए सबसे सस्ते स्रोत का उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सिंह ने ओएमसी द्वारा उपभोक्ताओं को लाभ न पहुंचाने और महंगाई को सहन करने के लिए जनता को मजबूर करने की भी निंदा की। उनका कहना है कि सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
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संजय सिंह ने ईंधन कीमतों में वृद्धि पर केंद्र सरकार की आलोचना की gyanhigyan

संजय सिंह की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने शनिवार को ईंधन की कीमतों में हालिया वृद्धि पर भारत सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों का पालन कर रही है। सिंह ने कहा कि तेल की खरीद हमेशा सबसे सस्ते स्रोत से की जानी चाहिए, चाहे उसका स्रोत कोई भी हो। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ट्रंप ने आदेश दिया है कि हमें रूस से तेल नहीं खरीदना चाहिए और यह भी कहा कि वे हमारी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। क्या हमारी राष्ट्रीय संप्रभुता अब भी सुरक्षित है? जहां भी सस्ता तेल उपलब्ध हो, उसे खरीदना चाहिए और जनता को उपलब्ध कराना चाहिए।


 


संजय सिंह ने सरकार द्वारा राष्ट्र से सात बार अपील करने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों को सोना न खरीदने का निर्देश दिया, लेकिन क्या उसने उन कारीगरों की स्थिति पर ध्यान दिया है जिनकी आजीविका सोने के व्यापार पर निर्भर है? सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान वित्तीय कठिनाइयों के बारे में जनता को सूचित नहीं किया और चुनाव खत्म होते ही अपनी समस्याओं पर रोना शुरू कर दिया।


 


उन्होंने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा उपभोक्ताओं को लाभ न पहुंचाने की भी आलोचना की। सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में यह संदेश फैलाया जा रहा है कि लोगों को डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि पर हंगामा नहीं करना चाहिए, बल्कि चुपचाप महंगाई सहन करनी चाहिए। इतना बड़ा मुनाफा कमाने के बाद, ओएमसी को कुछ समय के लिए राहत या रियायतें देनी चाहिए।


 


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर, सिंह ने पश्चिम एशिया संकट के बाद ओएमसी के घाटे की खबरों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यह जनता को बता रहा है कि ‘तेल कंपनियों को रोजाना 100 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है, इसलिए चुप रहो।’ उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी जी के शासनकाल में 12 वर्षों में जनता से करों के नाम पर 44 लाख करोड़ रुपये लिए गए हैं। जब तेल कंपनियों ने 35 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, तब ये लोग कहाँ थे? अगर उन्होंने इतना मुनाफा कमाया है, तो कुछ दिनों के लिए राहत दें और महंगाई को नियंत्रित करें।