संजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर भूमि घोटाले के सबूत पेश करने की योजना बनाई
संजय सिंह का आरोप
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े भूमि घोटाले के सबूत होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि वह इन दस्तावेजों को विशेष जांच दल (SIT) को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। गुरुवार को एक बयान में, सिंह ने कहा कि उनके पास भूमि घोटाले से संबंधित कई प्रमाण हैं और वह इन्हें SIT के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
SIT को पत्र में आरोप
सिंह ने SIT को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया कि कथित गबन ने लाखों भक्तों की आस्था को ठेस पहुँचाई है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट द्वारा किए गए घोटालों से करोड़ों हिंदुओं की आस्था को गहरा आघात लगा है। हाल ही में, दान पेटी से करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य के नाम सामने आए हैं। यह चोरी का मामला गंभीर है, और इससे पहले भी भगवान श्री राम के नाम पर खरीदी गई भूमि में करोड़ों का घोटाला हुआ है, जिसके सबूत उन्होंने प्रशासन और मीडिया के सामने पेश किए थे, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
भ्रष्टाचार के आरोप
सिंह ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों पर भूमि खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2021 में, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी से 2 करोड़ रुपये की भूमि 18.5 करोड़ रुपये में खरीदी। उन्होंने इस मामले में अयोध्या कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी तरह, महंत मुरली दास से लगभग 3 करोड़ रुपये की भूमि करीब 24 करोड़ रुपये में खरीदी गई, और आलोक बंसल से 9 करोड़ रुपये की भूमि लगभग 55.5 करोड़ रुपये में खरीदी गई। उनके पास ट्रस्ट के भीतर भ्रष्टाचार के पक्के सबूतों से जुड़े कई अन्य दस्तावेज भी हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया
इससे पहले, 'अपनी जनता पार्टी' के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने चंपत राय की आलोचना की और कहा कि इस मामले में अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि बिना FIR के पुलिस की कोई भी जांच गलत है। जब राम मंदिर का कार्य ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय की देखरेख में हो रहा है, तो क्या चंपत राय दोषी नहीं हैं? क्या योगी सरकार चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत कर सकती है?
