श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, गंभीर कमियों का खुलासा

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस की एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मान्यता को रद्द कर दिया है। यह निर्णय आकस्मिक निरीक्षण में गंभीर कमियों के पाए जाने के बाद लिया गया। NMC ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में समायोजित करने का निर्देश दिया है। जानें इस फैसले के पीछे की वजह और कॉलेज के विवादों के बारे में।
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श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, गंभीर कमियों का खुलासा

जम्मू-कश्मीर में मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द

जम्मू, 7 जनवरी 2026: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) की एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मान्यता को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह निर्णय 2 जनवरी 2026 को किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान संस्थान में कई गंभीर कमियों के पाए जाने के बाद लिया गया।


NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने पहले 2025-26 सत्र के लिए संस्थान को 50 एमबीबीएस सीटों की अनुमति दी थी, जो अब वापस ले ली गई है। निरीक्षण रिपोर्ट में निम्नलिखित मुख्य कमियां सामने आईं:



  • शिक्षण फैकल्टी में 39% की कमी।

  • ट्यूटर, डेमॉन्स्ट्रेटर और सीनियर रेजिडेंट्स की संख्या अपर्याप्त।

  • नैदानिक सामग्री और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण खामियां।

  • न्यूनतम मानकों का गंभीर उल्लंघन।


NMC ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 की धारा 28(7) के तहत की गई है, जो आकस्मिक निरीक्षण का प्रावधान करती है।


छात्रों के भविष्य पर प्रभाव: कॉलेज में वर्तमान में अध्ययन कर रहे छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, NMC ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी छात्रों को प्रदेश के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में सुपरन्यूमेरी सीटों पर समायोजित किया जाए। इससे किसी भी छात्र की एमबीबीएस सीट प्रभावित नहीं होगी और उनकी पढ़ाई जारी रहेगी।


यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कॉलेज पहले से ही एमबीबीएस प्रवेशों को लेकर विवादों में घिरा हुआ था। पहले बैच की 50 सीटों में अधिकांश छात्रों के चयन पर कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था, हालांकि NMC ने मान्यता रद्द करने का आधार केवल तकनीकी और ढांचागत कमियों को बताया है।