श्रावस्ती में दहेज हत्या के आरोप में लापता महिला मिली पुणे में
श्रावस्ती की दीपा की अनोखी कहानी
श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मल्हीपुर क्षेत्र के ओरीपुरवा गांव की एक महिला, जिसके परिवार पर दहेज हत्या का आरोप था, वह आठ महीने बाद महाराष्ट्र के पुणे में जीवित पाई गई। पुलिस ने उसे थाने बुलाकर पूछताछ की।
मामले का विवरण
दीपा, जो मल्हीपुर क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गंगापुर गांव की निवासी है, की शादी चार साल पहले ओरीपुरवा गांव के हंसहराज से हुई थी। 3 मई 2025 की रात को दीपा संदिग्ध परिस्थितियों में अपने ससुराल से गायब हो गई। उसके पिता ने 4 मई को पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया। दीपा की मां मायावती ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस की कार्रवाई
न्यायालय के आदेश पर, पुलिस ने 1 अगस्त 2025 को दीपा के पति हंसराज, देवर लक्ष्मन, आशाराम, देवरानी मीरा, सास मालती और हरपाल के खिलाफ मामला दर्ज किया। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की और दीपा की तलाश जारी रखी। अंततः, पुलिस को पता चला कि दीपा पुणे में रह रही है।
पुलिस ने मोबाइल फोन के जरिए उससे संपर्क किया और उसे मल्हीपुर थाने बुलाया। 10 जनवरी को दीपा थाने पहुंची, जहां पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। थानाध्यक्ष अंकुर वर्मा ने बताया कि दीपा को सुरक्षित रूप से खोज निकाला गया है।
इस घटना ने सभी को चौंका दिया। दीपा की तलाश में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन अंततः उन्हें सफलता मिली और इस पूरे मामले का खुलासा हुआ।
