शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर गंभीर आरोप: POCSO और रेप केस में फंसे

शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर POCSO और रेप के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके चलते उन्हें एनआरएआई द्वारा निलंबित कर दिया गया है। यह मामला न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि भारतीय खेल प्रणाली की सुरक्षा और नैतिकता पर भी सवाल उठाता है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और कैसे यह घटना खेल जगत में हलचल मचा रही है।
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अंकुश भारद्वाज पर लगे आरोप

शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज, जो पहले ही डोपिंग में फेल हो चुके हैं, अब POCSO और रेप के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने शूटिंग में गोल्ड मेडल जीते हैं, लेकिन उनके कृत्यों के कारण एनआरएआई ने उन्हें कोचिंग पद से निलंबित कर दिया है। यह मामला भारतीय खेल प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है।


अंकुश भारद्वाज का परिचय

अंकुश भारद्वाज हरियाणा के अंबाला के निवासी हैं और वर्तमान में मोहाली में रहते हैं। वह कैफे-फिटनेस क्लब के मालिक भी हैं। एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय पिस्टल शूटर, उन्होंने 2007-08 में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते। हालांकि, 2010 में डोप टेस्ट में फेल होने के बाद उन्हें SAI द्वारा बैन किया गया था।


पीड़िता की शिकायत और FIR

जनवरी 2026 में, एक 17 वर्षीय नाबालिग महिला शूटर ने अंकुश पर रेप और यौन शोषण का आरोप लगाया। पीड़िता का कहना है कि कोच ने उसे होटल में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है।


एनआरएआई की कार्रवाई

इस मामले के सामने आने के बाद, एनआरएआई ने अंकुश भारद्वाज को नैतिक आधार पर सभी कोचिंग कार्यों से निलंबित कर दिया है। उन्हें शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया है।


खेल में सुरक्षा पर चिंताएं

यह घटना भारतीय खेल समुदाय में खिलाड़ियों की सुरक्षा और कोच-एथलीट संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अंकुश भारद्वाज को पहले एक होनहार युवा खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन अब उन पर गंभीर आरोप लगे हैं।


अंकुश को साबित करना होगा अपनी निर्दोषता

एनआरएआई के सचिव के अनुसार, अंकुश भारद्वाज को अपनी निर्दोषता साबित करनी होगी। जांच पूरी होने तक उन्हें किसी भी कोचिंग गतिविधि से दूर रखा जाएगा।


क्या है मामला?

पीड़िता के अनुसार, अंकुश ने उसे करणी सिंह रेंज में शूटिंग अभ्यास के लिए बुलाया था, लेकिन बाद में होटल में जाकर उसका यौन उत्पीड़न किया। यह घटना उसके लिए सदमे की बात है।