शिवसेना ने सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, बैठक में अनुपस्थिति पर उठे सवाल

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उन सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जो एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए। इस कदम का उद्देश्य अनुशासन बनाए रखना है, खासकर जब कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलें चल रही हैं। पार्टी ने अनुपस्थित सांसदों से उनकी गैर-मौजूदगी का कारण पूछने का निर्णय लिया है। बैठक में उपस्थित नेताओं ने अनुपस्थित सांसदों को 'गद्दार' करार दिया है। जानें पूरी खबर में इस मुद्दे की गहराई।
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शिवसेना की अनुशासनात्मक कार्रवाई

गुरुवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उन सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जो एक महत्वपूर्ण संसदीय बैठक में शामिल नहीं हुए। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब यह चर्चा चल रही है कि कुछ सांसद पार्टी छोड़कर शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। पार्टी सांसद अनिल देसाई ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। सभी गैर-मौजूद सांसदों को नोटिस भेजा गया है, जिसमें उनसे उनकी अनुपस्थिति का कारण पूछा गया है।


कार्रवाई की प्रक्रिया

देसाई ने कहा कि बैठक के बाद ही नोटिस जारी किए गए हैं। जब उनसे पूछा गया कि अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यही कार्रवाई है: कारण बताओ नोटिस। सभी सांसदों को यह बताना होगा कि वे बैठक में क्यों नहीं आए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी सभी गैर-मौजूद सांसदों से जवाब मांगेगी।


बैठक में उपस्थित सांसदों की स्थिति

बैठक में शामिल होने के बाद, शिवसेना (UBT) सांसद राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे ने बताया कि इस बैठक में छह सांसद अनुपस्थित थे। इस दौरान, वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि जो सांसद बैठक में शामिल नहीं होंगे, उन्हें "गद्दार" माना जाएगा।


बैठक में उपस्थित नेताओं की सूची

बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत, अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय जाधव, ओमप्रकाश राजेनिम्बलकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर और राजाभाऊ वाजे सहित सभी नौ शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा सांसद उपस्थित थे। संजय राउत ने सांसदों की उपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो आएंगे वे हमारे हैं, और जो नहीं आएंगे, उन्हें बेईमान-गद्दार माना जाएगा।