शिवपाल यादव ने ओम प्रकाश राजभर के आरोपों को किया खारिज, BJP पर लगाया साजिश का आरोप

समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे BJP की साजिश बताया और कहा कि पार्टी के सांसद नहीं छोड़ेंगे। यादव ने राजभर के बयानों को पैसे के लिए दिए गए झूठे आरोपों के रूप में देखा। इसके अलावा, उन्होंने राजभर की आलोचना करते हुए कहा कि कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 | 
शिवपाल यादव ने ओम प्रकाश राजभर के आरोपों को किया खारिज, BJP पर लगाया साजिश का आरोप gyanhigyan

शिवपाल यादव का बयान

समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख नेता शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर द्वारा लगाए गए आरोपों को नकार दिया। राजभर ने कहा था कि SP में आंतरिक मतभेद हैं, जिसे यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि BJP और उसके सहयोगी राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैलाते हैं। यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी का कोई सांसद पार्टी छोड़ने वाला नहीं है और यह सब केवल TRP बढ़ाने और चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है।


राजभर पर तंज

यादव ने राजभर का मजाक उड़ाते हुए कहा कि उनके बयान पैसे के लिए दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजभर को ट्वीट करने के लिए पैसे मिलते हैं, इसलिए वह ऐसी बातें करते हैं। शिवपाल यादव ने विश्वास जताया कि 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कोई भी ओम प्रकाश राजभर को गंभीरता से नहीं लेता।


राजभर की आलोचना

इससे पहले, राजभर ने समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व सीबीआई की जांच के दौरान खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जो पत्र भेजा था, उसमें पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और SP प्रमुख अखिलेश यादव से संबंधित सीबीआई FIR का उल्लेख है।


सीबीआई जांच का संदर्भ

राजभर ने कहा कि राम गोपाल यादव के पत्र में गायत्री प्रजापति और अखिलेश यादव के खिलाफ सीबीआई की FIR का जिक्र है। गायत्री प्रजापति जेल में हैं, जबकि अखिलेश यादव अभी बाहर हैं। इसके अलावा, राम गोपाल यादव के बेटे, शिवपाल यादव और उनके परिवार के कई सदस्य गोमती रिवर फ्रंट मामले में शामिल हैं। इसलिए, समाजवादी पार्टी ने अपनी जान बचाने के लिए वह सूची जारी की है।