शाहरुख खान के खिलाफ बांग्लादेशी खिलाड़ियों की खरीद पर विरोध बढ़ा
वाराणसी में विरोध प्रदर्शन
वाराणसी: 'शाहरुख खान देश का गद्दार है' जैसे नारे अब देशभर में गूंजने लगे हैं। जब बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या हो रही है और शाहरुख खान वहां के खिलाड़ियों को अपनी टीम में महंगे दाम पर शामिल कर रहे हैं, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वाराणसी के युवाओं और हिंदू संगठनों ने इस पर विरोध जताया है और आंदोलन की चेतावनी दी है। योगी आलोक ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि जिस देश में हिंदुओं का कत्लेआम हो रहा है, वहां के खिलाड़ियों को भारत में खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पतंजलि पांडेय ने कहा कि कट्टरपंथी हिंदुओं को जलाने और मारने वाले देश के खिलाड़ियों को महंगे दाम पर खरीदना गलत है। ऐसे में उन पैसों का उपयोग भी हिंदुओं के खिलाफ ही होगा। टीम के मालिकों को ऐसे खिलाड़ियों की बोली लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह हिंदुओं की भावनाओं का मामला है।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह मुद्दा खिलाड़ियों की खरीद का नहीं, बल्कि नैतिकता और जिम्मेदारी का है। बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों के साथ हो रहे अत्याचार के बीच, कोई भारत में रहकर भारत के विरोधियों को लाभ पहुंचा रहा है। यह निंदनीय है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
रामजी सिंह ने कहा कि करोड़ों में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदना पूरी तरह से गलत है। शाहरुख खान को माफी मांगनी चाहिए और उस खिलाड़ी को टीम से बाहर करना चाहिए। अभिषेक सिंह ने कहा कि आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। जब बात राष्ट्र और धर्म की हो, तो हर हिंदुस्तानी को एकजुट होना चाहिए और कट्टरपंथियों को जवाब देना चाहिए।
