शारिब हाशमी की पत्नी का कैंसर छठी बार लौट आया, जानें इसके कारण और रोकथाम

अभिनेता शारिब हाशमी की पत्नी नसरीन हाशमी एक बार फिर ओरल कैंसर से जूझ रही हैं, जो छठी बार लौट आया है। इस लेख में, हम जानेंगे कि कैंसर बार-बार क्यों लौटता है, इसके पीछे के कारण और रोकथाम के उपाय। विशेषज्ञों की राय के अनुसार, कैंसर के लौटने का खतरा कई कारकों पर निर्भर करता है। नियमित फॉलोअप और सही उपचार से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार संभव है।
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शारिब हाशमी की पत्नी की कैंसर से जंग

अभिनेता शारिब हाशमी की पत्नी नसरीन हाशमी एक बार फिर ओरल कैंसर से जूझ रही हैं। यह जानकर हैरानी होती है कि उन्हें इस जानलेवा बीमारी का सामना छठी बार करना पड़ रहा है। शारिब ने हाल ही में बताया कि नसरीन का कैंसर बेहद आक्रामक रूप ले चुका है और अब तक उनकी पांच बार सर्जरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कैंसर अब कई स्थानों पर फैल चुका है। नसरीन की हिम्मत से सभी को प्रेरणा मिलती है। उन्हें पहली बार 2018 में कैंसर का पता चला था। नसरीन ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक शारिब हमेशा उनके साथ रहते हैं और उन्हें मानसिक रूप से समर्थन देते हैं। लेकिन बार-बार कैंसर का लौटना न केवल मरीज के लिए शारीरिक रूप से कठिनाई भरा है, बल्कि यह चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी एक चुनौती है।


कैंसर के बार-बार लौटने के कारण

ठाणे के KIMS अस्पताल में सिर और गर्दन के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. हितेश सिंघवी ने बताया कि जब ओरल कैंसर बार-बार होता है, तो इसका मतलब है कि कैंसर कोशिकाएं या तो इलाज से बच गई हैं या समय के साथ फिर से विकसित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि छठी बार कैंसर का लौटना यह दर्शाता है कि बीमारी अधिक आक्रामक हो गई है और इलाज के प्रति प्रतिरोधी बन गई है।


ओरल कैंसर के लौटने के कारण

डॉ. सिंघवी के अनुसार, जब ओरल कैंसर बार-बार लौटता है, तो यह कैंसर उसी स्थान, आसपास के ऊतकों, लिम्फ नोड्स या शरीर के अन्य अंगों में फैल सकता है। लंबे समय तक तंबाकू, शराब या अन्य हानिकारक पदार्थों के संपर्क में रहने से मुंह या आसपास के हिस्सों में नया कैंसर विकसित हो सकता है।


कैंसर लौटने का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर किस स्टेज में पकड़ा गया, इस पर दोबारा लौटने का खतरा काफी हद तक निर्भर करता है। देर से पहचान, आक्रामक ट्यूमर, लिम्फ नोड्स में फैलाव और इलाज के बाद सही फॉलोअप न करना भी जोखिम बढ़ा सकता है।


क्या बार-बार लौटने वाला कैंसर ठीक हो सकता है?

डॉ. मंदीप सिंह मल्होत्रा के अनुसार, बार-बार लौटने वाला ओरल कैंसर समय के साथ इलाज के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का लौटना यह नहीं दर्शाता कि उम्मीद खत्म हो गई है। सही इलाज से कई मरीज लंबे समय तक बेहतर जीवन जी सकते हैं।


ओरल कैंसर के लौटने से कैसे बचें?

विशेषज्ञों के अनुसार, इलाज के बाद नियमित और आजीवन फॉलोअप सबसे जरूरी है। मरीजों को निम्नलिखित लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए: मुंह का घाव जो लंबे समय तक न भरे, लगातार दर्द, निगलने में परेशानी, मुंह से खून आना, गर्दन में सूजन, आवाज में बदलाव, और दांतों का ढीला होना।