शादी में मेहमान ने दुल्हन को बनाया पत्नी, जानें पूरी कहानी

चिकमगलूर जिले में एक अनोखी शादी की घटना सामने आई है, जहां एक मेहमान ने दुल्हन को अपनी पत्नी बना लिया। दूल्हा शादी के दिन गायब हो गया था, और मेहमान ने दुल्हन के साथ सात फेरे लिए। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और कैसे चंद्रप्पा ने सिंधु के परिवार के दुख को खुशी में बदल दिया।
 | 
शादी में मेहमान ने दुल्हन को बनाया पत्नी, जानें पूरी कहानी

एक अनोखी शादी की कहानी

कहते हैं कि जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है, और यह तय करता है कि आपकी शादी कब, कहां और किससे होगी। चिकमगलूर जिले के तारिकेरे तालुक के एक गांव में एक ऐसा ही दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति शादी में मेहमान बनकर आया, लेकिन जब वह वहां से गया, तो दुल्हन को अपनी पत्नी बनाकर ले गया। दरअसल, शादी के दिन दूल्हा अचानक गायब हो गया था, और इस मेहमान ने दुल्हन के साथ सात फेरे ले लिए। आइए इस फिल्मी शादी के बारे में विस्तार से जानते हैं।


वास्तव में, दो भाई अशोक और नवीन एक ही दिन शादी करने वाले थे। नवीन की शादी सिंधु नाम की दुल्हन से तय थी। शनिवार को दोनों ने एक साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और रिश्तेदारों ने उन्हें आशीर्वाद दिया। लेकिन जब शादी का दिन आया, तो दूल्हा नवीन लापता हो गया। जांच करने पर पता चला कि वह अपनी प्रेमिका के कहने पर शादी से भाग गया है।


नवीन की प्रेमिका ने उसे धमकी दी थी कि यदि वह शादी करता है, तो वह शादी में आकर जहर पी लेगी। इस डर से नवीन शादी से पहले ही भाग गया और उसने अपनी प्रेमिका से तुमकुरु में मिलने का कहा। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। दूसरी ओर, जब शादी का दिन आया और दूल्हा नहीं मिला, तो सिंधु और उसके परिवार वाले चिंतित हो गए।


शादी में मेहमान ने दुल्हन को बनाया पत्नी, जानें पूरी कहानी


नवीन के भाई अशोक ने मंडप में सात फेरे लिए, लेकिन सिंधु बिना दुल्हन के रोती रही। इस स्थिति में, उसके परिवार ने तय किया कि वे शादी में आए मेहमानों में से दूल्हा खोजेंगे। इस काम के लिए चंद्रप्पा नामक मेहमान ने सहमति दी। वह पेशे से बीएमटीसी कंडक्टर हैं और उन्होंने दुल्हन से शादी करने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से शादी की बात बन गई।


चंद्रप्पा और सिंधु ने सात फेरे लिए और हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए। जब यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो हर कोई चंद्रप्पा की तारीफ करने लगा। इतनी जल्दी शादी का निर्णय लेना आसान नहीं होता, लेकिन चंद्रप्पा ने दुल्हन और उसके परिवार के दुख को खुशी में बदल दिया। अब चंद्रप्पा और सिंधु दोनों खुश हैं।