शशि थरूर ने पाकिस्तान की भूमिका पर जताई निराशा, भारत को कूटनीतिक नेतृत्व का दिया सुझाव

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पाकिस्तान की भूमिका पर निराशा व्यक्त की है, यह कहते हुए कि भारत को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को सुलझाने में कूटनीतिक नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने सरकार के संयम और चुप्पी का समर्थन किया था, लेकिन वर्तमान स्थिति को संतोषजनक नहीं मानते। थरूर ने भारत से आग्रह किया कि वह अपनी राजनयिक सद्भावना का उपयोग करते हुए सार्थक बातचीत को बढ़ावा दे। जानें इस मुद्दे पर उनकी विस्तृत राय और सर्वदलीय बैठक में हुई चर्चाओं के बारे में।
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शशि थरूर ने पाकिस्तान की भूमिका पर जताई निराशा, भारत को कूटनीतिक नेतृत्व का दिया सुझाव

पश्चिम एशिया में संघर्ष और भारत की भूमिका

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को सुलझाने में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि और दोनों पक्षों के साथ संबंधों को ध्यान में रखते हुए कूटनीतिक नेतृत्व करना चाहिए। अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त मध्यस्थता के प्रयासों में पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र की भागीदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने बताया कि उन्होंने पहले भारतीय सरकार के सतर्क रुख का समर्थन किया था, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि नई दिल्ली एक रचनात्मक शांति पहल के साथ आगे आएगी।


थरूर की चिंताएं और सुझाव

थरूर ने कहा कि वर्तमान स्थिति संतोषजनक नहीं है और यह हमारे लिए शर्मनाक है। उन्होंने ईरान युद्ध पर सरकार के संयम और चुप्पी का समर्थन किया था, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार इसका उपयोग शांति स्थापित करने के लिए करेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिणाम उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। विडंबना यह है कि पाकिस्तान तुर्की और मिस्र के साथ मिलकर मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है, जिससे वह खुश नहीं हैं।


भारत की कूटनीतिक पहल की आवश्यकता

थरूर ने भारत से बार-बार आग्रह किया कि वह अपनी राजनयिक सद्भावना का उपयोग करते हुए संबंधित देशों के बीच सार्थक बातचीत को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के संतुलित संबंध उसे शांति पहल शुरू करने में एक अनूठा लाभ दे सकते थे। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में शांति वार्ता होती है, तो भारत का इससे कोई लेना-देना नहीं है। वह लगभग तीन सप्ताह से भारत से आग्रह कर रहे हैं कि वह दोनों पक्षों के साथ अपने अच्छे संबंधों का लाभ उठाते हुए शांति पहल में अग्रणी भूमिका निभाए।


सर्वदलीय बैठक में चर्चा

ये टिप्पणियां बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के संदर्भ में आईं, जहां सरकार ने विपक्षी नेताओं को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत समान स्थिति में बना हुआ है। बैठक के दौरान, विदेश सचिव विक्रम मिसरी, विदेश मंत्री जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऊर्जा सुरक्षा, जहाजरानी व्यवस्था और विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर प्रतिभागियों को जानकारी दी।