विश्व पर्यावरण दिवस पर जलवायु कार्रवाई का महत्व

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जिम्मी मगिलिगन सेंटर में 'स्वच्छ जल एवं स्वच्छ वायु हेतु जलवायु कार्रवाई' विषय पर एक संवाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख पर्यावरणविदों ने जल सुरक्षा और वायु प्रदूषण के मुद्दों पर चर्चा की। विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा। जानें इस संवाद के मुख्य बिंदुओं के बारे में।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर जलवायु कार्रवाई का महत्व gyanhigyan

जिम्मी मगिलिगन सेंटर में पर्यावरण संवाद


सनावदिया (इंदौर), 4 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट में "स्वच्छ जल एवं स्वच्छ वायु हेतु जलवायु कार्रवाई" विषय पर एक महत्वपूर्ण संवाद का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 34वें वार्षिक पर्यावरणीय संवाद का हिस्सा था, जो 30 मई से 5 जून 2026 तक चला।


कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन द्वारा बहाई प्रार्थना से हुई। अपने स्वागत भाषण में, डॉ. जनक ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्तिगत स्तर से होती है और विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने के लिए प्रेरित किया।


विशेषज्ञों के विचार

भू-वैज्ञानिक श्री सुधीन्द्र मोहन शर्मा ने "स्वच्छ जल एवं जल सुरक्षा" पर अपने विचार साझा करते हुए जल चक्र, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और मीठे जल संसाधनों की कमी पर चर्चा की। उन्होंने नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


डॉ. दिलीप वाघेला ने वायु प्रदूषण के कारणों और इसके स्वास्थ्य पर प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने हरित जीवनशैली अपनाने और वृक्षारोपण के महत्व पर जोर दिया।


श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदौर के छात्रों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की, जिससे उन्हें सतत विकास और पर्यावरण-अनुकूल आदतों के महत्व को समझने का अवसर मिला।


कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन प्रो. राजीव संगल द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण और जलवायु कार्रवाई के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।


यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और जलवायु कार्रवाई के लिए प्रेरित करने में सफल रहा।