विवेक अग्रवाल को एफएटीएफ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया

केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह भारत के लिए इस संस्था का उपाध्यक्ष बनने का पहला अवसर है। अग्रवाल, जो 1994 बैच के IAS अधिकारी हैं, ने पहले भी इस संस्था में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी नियुक्ति को भारत की मनी लॉन्ड्रिंग-रोधी और आतंक-फंडिंग रोकने की कोशिशों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। जानें उनके कार्य अनुभव और इस नई भूमिका में उनकी योजनाएँ।
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नियुक्ति की जानकारी

केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ मानक स्थापित करती है। यह भारत के लिए इस संस्था का उपाध्यक्ष बनने का पहला अवसर है। भारत 2010 से इस महत्वपूर्ण संस्था का सदस्य रहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पेरिस में आयोजित पूर्ण बैठक के अंत में अग्रवाल को इस पद पर नियुक्त किया गया। वह यूनाइटेड किंगडम के जाइल्स थॉमसन की जगह लेंगे, जो 1 जुलाई, 2025 से इस पद पर थे।


एफएटीएफ की प्राथमिकताएँ

संस्था ने एक बयान में कहा कि सदस्यों ने UK की आगामी अध्यक्षता के तहत एफएटीएफ की प्राथमिकताओं को मंज़ूरी दी और भारत के विवेक अग्रवाल को जुलाई 2026 से जून 2027 तक का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।


विवेक अग्रवाल का परिचय

विवेक अग्रवाल कौन हैं?

मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी, अग्रवाल ने पहले फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) के निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। 30 से अधिक वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के साथ, उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। उनके कार्यक्षेत्र में वित्त, कृषि, शहरी विकास, बुनियादी ढाँचा और सार्वजनिक नीति शामिल हैं।


पद की जिम्मेदारियाँ

अप्रैल 2025 में संस्कृति सचिव का पद संभालने से पहले, अग्रवाल ने वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्य किया। इस दौरान, उन्होंने फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया का नेतृत्व किया और एफएटीएफ में भारत के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की। उन्होंने कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डिजिटल कृषि और कृषि बुनियादी ढाँचा फंड जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की देखरेख की। जब 2024 में भारत की पिछली म्यूचुअल इवैल्यूएशन रिपोर्ट जारी हुई थी, तब वे केंद्रीय वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे।


सरकारी प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अग्रवाल की नियुक्ति को भारत के लिए एक "बड़ी जीत" बताया और कहा कि यह पद वैश्विक आतंकवादी वित्तपोषण नेटवर्क से लड़ने की देश की निरंतर कोशिशों को मजबूत करता है।


अग्रवाल की प्रतिक्रिया

इस नियुक्ति पर विवेक अग्रवाल की प्रतिक्रिया

अपने बयान में विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह नियुक्ति भारत की सामूहिक कोशिशों और देश के मनी लॉन्ड्रिंग-रोधी और आतंक-फंडिंग रोकने वाले ढांचे की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है और वह एफएटीएफ ग्लोबल नेटवर्क के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित, समावेशी और मजबूत बनाए रखने के लिए काम करने के लिए उत्सुक हैं। एफएटीएफ की अध्यक्षता का कार्यकाल दो साल का होता है, जबकि उपाध्यक्ष अध्यक्ष की जिम्मेदारियों में सहायता करते हैं।