वित्त मंत्रालय ने आरबीआई द्वारा 12 अरब डॉलर का सोना बेचने की खबरों को किया खारिज
आरबीआई ने विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स को बताया गलत
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से गलत और भ्रामक करार दिया है, जिनमें यह दावा किया गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए 12 अरब अमेरिकी डॉलर का सोना बेचा है।
आरबीआई ने इस मामले में स्पष्ट किया है।
आरबीआई ने कहा है कि 880.52 टन सोना उनके पास सुरक्षित है; इसके अलावा कोई अन्य जानकारी नहीं है।
आरबीआई ने यह भी बताया कि उनके पास जो सोना है, उसकी वैल्यू में भी वृद्धि हुई है। pic.twitter.com/NgEFkxJtYr
— भारत समाचार (@bstvlive) June 3, 2026
वास्तव में, एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में यह कहा गया था कि रुपये पर बढ़ते दबाव और महंगे आयात बिल के चलते आरबीआई ने 22 मई को समाप्त हुए दो हफ्तों के भीतर लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचा। हालांकि, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
इस बीच, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट भी इन भ्रामक दावों को नकारती है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष के दौरान आरबीआई की सोने की होल्डिंग्स में कमी नहीं आई, बल्कि वास्तव में यह बढ़ी हैं। 31 मार्च, 2026 तक आरबीआई के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना था, जबकि 31 मार्च, 2025 को यह आंकड़ा 879.58 मीट्रिक टन था। यह दर्शाता है कि एक वर्ष में देश के सोने के भंडार में 0.94 मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है।
आंकड़ों के अनुसार, 880.52 मीट्रिक टन सोने में से 312.32 मीट्रिक टन सोना इश्यू डिपार्टमेंट के एसेट के रूप में सुरक्षित है, जबकि शेष 568.20 मीट्रिक टन बैंकिंग डिपार्टमेंट के पास सुरक्षित रखा गया है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में वृद्धि और डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्यह्रास के कारण आरबीआई के सोने की होल्डिंग्स की वैल्यू में भी भारी उछाल आया है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान बैंकिंग डिपार्टमेंट के सोने की वैल्यू में 63.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।
इसके अलावा, भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत स्थिति में है, जो 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर 691.11 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 668.33 अरब डॉलर था। वहीं, देश का गोल्ड रिजर्व भी तेजी से बढ़कर 115.40 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। आरबीआई की इस ऑडिटेड बैलेंस शीट से यह स्पष्ट हो जाता है कि 12 अरब डॉलर का सोना बेचने की खबरें महज अफवाह थीं और सरकारी रिकॉर्ड में इनका कोई अस्तित्व नहीं है।
