विजय का मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह, तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल

तमिलनाडु के अभिनेता से राजनेता बने विजय शनिवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। उन्होंने 121 विधायकों का समर्थन प्राप्त किया है, जिसमें वामपंथी दलों का भी सहयोग शामिल है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की कहानी और विजय की पार्टी टीवीके की स्थिति।
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विजय का मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह, तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल gyanhigyan

विजय का मुख्यमंत्री बनने का सफर

अभिनेता से राजनेता बने विजय, जो तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के नेता हैं, शनिवार (9 मई) को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। यह समारोह सुबह 11 बजे आयोजित होगा। विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात की और 121 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया।


द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल वामपंथी दलों, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने यह निर्णय लिया है कि वे भाजपा को राज्य में 'पिछले दरवाजे से प्रवेश' करने से रोकने के लिए समर्थन देंगे।


वामपंथी दलों का समर्थन

हालांकि, वाम दल राज्य के अधिकारों के मुद्दे पर द्रमुक के साथ बने रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे टीवीके के मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनेंगे। माकपा और भाकपा, दोनों के पास दो-दो विधायक हैं, जिन्होंने विजय की पार्टी को समर्थन देने का निर्णय लिया।


तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके के पास 108 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े से 10 कम हैं। टीवीके ने द्रमुक के सहयोगी दलों से समर्थन मांगा था, और 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।


कांग्रेस का समर्थन

भाकपा और माकपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर टीवीके को अपना समर्थन देने की जानकारी दी। कांग्रेस, जिसके पास पांच विधायक हैं, ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है।


निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक को छोड़ना होगा। उन्हें चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व में से एक सीट छोड़नी पड़ेगी। यदि वे ऐसा करते हैं, तो टीवीके और उसके समर्थक विधायकों की संख्या 116 हो जाएगी। विजय को अपनी पहली सरकार बनाने के लिए अब दो और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।