विकसित भारत युवा नेता संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का संबोधन

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'विकसित भारत युवा नेता संवाद' कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने बताया कि 'विकसित भारत' केवल 2047 तक का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है। संवाद में पूछे गए प्रश्नों की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने सकारात्मक संकेत दिए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मानुषख मांडविया का भाषण और इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संवाद भी शामिल था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने युवाओं को राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए प्रेरित किया।
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विकसित भारत युवा नेता संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का संबोधन

विकसित भारत की दिशा में युवा संवाद

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'विकसित भारत युवा नेता संवाद' कार्यक्रम की योजना बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 'विकसित भारत' केवल 2047 तक का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए, उन्होंने युवा प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों की गुणवत्ता की प्रशंसा की।




पुरी ने कहा कि यह स्पष्ट है कि 'विकसित भारत' केवल एक लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें युवा सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। संवाद के दौरान पूछे गए प्रश्नों में सतत विकास, हरित परिवर्तन, स्वच्छ हवा और जल की चिंता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे, जो सकारात्मक संकेत देते हैं।




उन्होंने यह भी कहा कि युवा छात्रों का विभिन्न क्षेत्रों से संपर्क स्थापित करना एक अद्भुत सीखने का अनुभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री और इस कार्यक्रम को तैयार करने में शामिल सभी लोगों को बधाई दी। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित 'विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026' का तीसरा दिन भारत मंडपम में उत्साह के साथ शुरू हुआ। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मानुषख मांडविया का प्रेरणादायक भाषण, इसरो के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ संवाद और भारत की विविधता को प्रदर्शित करने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल था।




शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता बहुत बड़ी कीमत पर मिली है, जिसमें भारतीयों को अपमान और विनाश सहना पड़ा। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के पुनर्निर्माण में योगदान दें और एक मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में काम करें।