वाराणसी में मां ने 12 साल की बेटी की आबरू का सौदा किया, तीन गिरफ्तार
घिनौनी घटना का खुलासा
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक मां ने पैसों और साड़ियों के लालच में अपनी 12 वर्षीय बेटी की आबरू का सौदा कर दिया। इस घृणित अपराध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता की मां, एक अधेड़ खरीदार और एक ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
सौदे की पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां बिहार के अरवल की निवासी है। उसकी मुलाकात इस साल जनवरी में बनारस रेलवे स्टेशन पर चंदौली के लहरू यादव से हुई थी। लहरू, जो दो बच्चों का पिता है, ने अपनी उम्र कम दिखाने के लिए दिल्ली से हेयर ट्रांसप्लांट कराया था और एक कम उम्र की लड़की की तलाश में था। मां ने अपनी बेटी को महज 16 हजार रुपये और 10 साड़ियों के बदले लहरू को सौंप दिया। इस सौदे को छिपाने के लिए चंदौली के चहनिया स्थित एक मंदिर में जबरन शादी का नाटक भी किया गया।
चार महीने का नरक
लहरू ने मासूम को अपने परिवार से दूर रखकर चार महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपनी जमीन बेचकर अब तक लगभग 20 लाख रुपये बर्बाद कर दिए हैं। 19 मई को, उसने पीड़िता को बेहोशी की हालत में बनारस रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और फरार हो गया।
ऑटो चालक की दरिंदगी
स्टेशन पर रोती हुई बच्ची पर झारखंड के ऑटो चालक रवि वर्मा की नजर पड़ी। बच्ची ने अपनी आपबीती सुनाई, लेकिन मदद करने के बजाय, रवि भी हैवान बन गया। उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर सारनाथ तालाब के पास ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे अपने घर ले गया।
पड़ोसियों की सजगता
जब पड़ोसियों ने कमरे में मासूम को रोते हुए देखा, तो उन्हें शक हुआ। कड़ी पूछताछ के बाद, पीड़िता ने अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई। स्थानीय लोगों ने तुरंत सारनाथ थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
