वाझकुलम: अनानास का गढ़ और इसकी सफलता के कारण

वाझकुलम, केरल का अनानास का गढ़, अपनी विशेष मिठास और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। यहां के अनानास का उत्पादन राज्य में कुल अनानास का 80 प्रतिशत है। इस लेख में जानें कि कैसे वाझकुलम ने अपनी मिट्टी, जलवायु, परंपरा और GI टैग के माध्यम से अनानास की खेती में सफलता हासिल की है। इसके अलावा, जानें कि भारत से अनानास खरीदने वाले प्रमुख देशों की सूची क्या है।
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वाझकुलम: अनानास का गढ़ और इसकी सफलता के कारण gyanhigyan

वाझकुलम: अनानास की खेती का प्रमुख केंद्र

केरल को नारियल की भूमि माना जाता है, लेकिन अब यह राज्य नारियल उत्पादन में पीछे रह गया है। वर्तमान में कर्नाटक और तमिलनाडु इस क्षेत्र में आगे हैं। हालांकि, केरल का वाझकुलम क्षेत्र अपने अनानास की विशेष मिठास, सुगंध और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। यहां के अनानास का उत्पादन राज्य में कुल अनानास का 80 प्रतिशत है।

वाझकुलम: अनानास का गढ़ और इसकी सफलता के कारण
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हालांकि अनानास उत्पादन में पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर है, असम दूसरे और केरल तीसरे स्थान पर है, लेकिन जब वाझकुलम की बात आती है, तो इसे 'पाइनएप्पल सिटी' के नाम से जाना जाता है। भारत एशिया में अनानास का सबसे बड़ा बाजार है। अब यह जानना जरूरी है कि वाझकुलम अनानास का गढ़ कैसे बना और यह राज्य की अर्थव्यवस्था को कैसे लाभ पहुंचाता है?

वाझकुलम का अनानास गढ़ बनने के 5 प्रमुख कारण

  1. मिट्टी और जलवायु का अनुकूल संयोजन: वाझकुलम का जलवायु और मिट्टी अनानास की खेती के लिए आदर्श हैं। यहां की अधिक वर्षा, गर्म और आर्द्र मौसम और उपजाऊ दोमट मिट्टी अनानास की खेती के लिए उत्तम हैं। यही कारण है कि यहां के अनानास का आकार बड़ा और स्वाद में बेहतर होता है.

    वाझकुलम को भारत की पाइनएप्पल सिटी कहते हैं. फोटो: pexels

  2. परंपरा और अनुभव का योगदान: वाझकुलम के किसान लंबे समय से अनानास की खेती कर रहे हैं। समय के साथ, खेती की तकनीक और उत्पादन में सुधार हुआ है। उन्हें पता है कि कब और कैसे खेती करनी है, जिससे अनानास की पैदावार में लगातार वृद्धि हो रही है।
  3. व्यापक उत्पादन: वाझकुलम और इसके आस-पास के क्षेत्रों में हजारों हेक्टेयर भूमि पर बड़े पैमाने पर अनानास की खेती होती है। यही कारण है कि यह दक्षिण भारत के सबसे बड़े उत्पादक क्षेत्रों में से एक बन गया है.

    अनानास का पौधा. फोटो: pexels

  4. GI टैग का महत्व: 2009 में वाझकुलम को अनानास का भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला, जिससे इसकी पहचान बढ़ी और निर्यात में वृद्धि हुई। अब इसे वैश्विक स्तर पर अनानास के गढ़ के रूप में जाना जाता है।
  5. निर्यात और प्रसंस्करण: वाझकुलम न केवल अनानास की खेती में बल्कि खाद्य प्रसंस्करण में भी अग्रणी है। यहां बड़े पैमाने पर अनानास से जूस, जैम और अन्य उत्पाद बनाकर इन्हें खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किया जाता है.

    वाझकुलम सिर्फ अनानास की खेती में ही नहीं फूड प्रॉसेसिंग में भी आगे है.

भारत से अनानास खरीदने वाले देशों की सूची

केरल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 100 से अधिक देशों को अनानास का निर्यात करता है, जिनमें से 20 देश सबसे अधिक खरीदते हैं। मध्य पूर्व से लेकर अमेरिका तक इसकी मांग है। विशेष रूप से, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, सऊदी अरब, ओमान और बहरीन में भारतीय अनानास की मांग है। इसके अलावा, नेपाल, मालदीव, बांग्लादेश, भूटान, अमेरिका, बेल्जियम, ब्रिटेन, कजाकिस्तान, जाम्बिया और ईरान में भी अनानास का निर्यात किया जाता है।