वसुंधरा राजे का 73वां जन्मदिन: एक राजनीतिक यात्रा की कहानी

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज 73वां जन्मदिन मना रही हैं। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक की यात्रा में कई महत्वपूर्ण मोड़ आए हैं। जानें उनके जीवन की रोचक बातें और राजनीतिक उपलब्धियों के बारे में।
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वसुंधरा राजे का 73वां जन्मदिन: एक राजनीतिक यात्रा की कहानी

जन्मदिन की शुभकामनाएं

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज, 8 मार्च को अपने 73वें जन्मदिन का जश्न मना रही हैं। उन्होंने दो बार राज्य की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है। अपने पहले चुनाव में हार का सामना करने के बावजूद, उन्होंने इसे एक सीख के रूप में लिया और आगे बढ़ती रहीं। मुख्यमंत्री बनने से पहले, वसुंधरा ने केंद्र में विदेश राज्य मंत्री और एमएसएमई मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन की कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं...


परिवार और प्रारंभिक जीवन

वसुंधरा राजे का जन्म 8 मार्च 1956 को मुंबई में हुआ। 1972 में, उन्होंने धौलपुर के राजघराने के हेमंत सिंह से विवाह किया, लेकिन एक साल बाद ही दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया। अपने बेटे दुष्यंत के जन्म के बाद, वसुंधरा अपने पति से अलग होकर ग्वालियर में अपने माता-पिता के पास रहने लगीं।


राजनीतिक करियर की शुरुआत

राजस्थान में वसुंधरा राजे का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत उनके मायके से हुई, जहां उनकी मां विजया राजे भाजपा से जुड़ी थीं। वसुंधरा ने भी अपनी मां के नक्शेकदम पर चलते हुए भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया।


पहला चुनाव और चुनौतियाँ

1984 में वसुंधरा ने राजनीति में कदम रखा और भिंड से अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन 1985 में धौलपुर से चुनाव लड़कर उन्होंने जीत हासिल की और राजस्थान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं। इसके बाद, उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करना शुरू किया।


महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार

वसुंधरा राजे ने झालावाड़ लोकसभा क्षेत्र को अपनी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाया। वह 9वीं से 13वीं लोकसभा तक लगातार 5 बार सांसद चुनी गईं। उनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें 1998-99 के दौरान अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिला और बाद में MSME मंत्रालय का कार्यभार भी सौंपा गया। 2000 में, वह राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हुईं, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी।


राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री

राजे ने राजस्थान की कमान संभाली और भाजपा कार्यकर्ताओं को संगठित करने के लिए पूरे प्रदेश का दौरा किया। उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 110 सीटों पर जीत हासिल की। इस जीत के बाद भैरोसिंह को उपराष्ट्रपति और जसवंत सिंह को केंद्रीय मंत्री बनाया गया। इस प्रकार, वसुंधरा राजे राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने 2013 में फिर से मुख्यमंत्री का पद संभाला।