वडोदरा विश्वविद्यालय में छात्रा के डांस पर विवाद: राजनीति का नया मोड़
विवाद का आरंभ
महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) का ऑडिटोरियम तालियों से गूंज रहा था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि मंच पर एक छोटी सी परफॉर्मेंस किसी की जिंदगी में मानसिक उथल-पुथल पैदा कर देगी। साड़ी पहनकर 'धक धक' गाने पर डांस करने वाली छात्रा ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, लेकिन सोशल मीडिया पर उसे वडोदरा की संस्कृति पर हमला करने वाला करार दिया गया।
राजनीतिक विवाद का जन्म
अब सवाल यह है कि क्या यह केवल एक गाने का विरोध था या छात्र राजनीति के दिग्गजों के बीच की एक बिछी हुई बिसात? ABVP इसे कांग्रेस की साजिश मान रहा है, जबकि NSUI आयोजन की पवित्रता पर सवाल उठा रहा है। इस बीच, छात्रा के आंसू क्या किसी बड़े बदलाव का संकेत हैं या बस एक और हेडलाइन बनकर रह जाएंगे? वडोदरा की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाली इस यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के डांस वीडियो को लेकर विवाद छिड़ गया है।
घटनाक्रम का विवरण
यूनिवर्सिटी के CC मेहता ऑडिटोरियम में ABVP द्वारा 'संस्कार संगम' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस वीडियो में छात्रा साड़ी पहनकर 'धक धक करने लगा' गाने पर डांस करती नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं।
अपनी परफॉर्मेंस के लिए ऑनलाइन आलोचना का सामना करने के बाद, छात्रा ने एक और वीडियो साझा किया जिसमें उसने अपना बचाव करते हुए कहा कि उसने मंच पर केवल साड़ी पहनकर डांस किया और कुछ भी अश्लील नहीं किया। उसने माना कि गाने का चुनाव शायद एक गलती थी और इसके लिए माफी मांगी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि NSUI के सदस्यों ने राजनीतिक लाभ के लिए इस वीडियो को वायरल किया और कहा कि उसके सोशल मीडिया अकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया। वीडियो में छात्रा फूट-फूटकर रोई और कहा कि इस विवाद का उसकी मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ा है। उसने सवाल उठाया कि जब गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है, तो एक "आम छात्रा" को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
ABVP के गुजरात प्रदेश महासचिव, देवांश ब्रह्मभट्ट ने NSUI और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रा की सहमति के बिना वीडियो को सर्कुलेट किया और उसकी गरिमा का उल्लंघन किया। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस छात्रा से माफी मांगे।
कांग्रेस का जवाब
इन आरोपों का जवाब देते हुए, गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता निशांत रावल ने कार्यक्रम के आयोजकों की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चूंकि यह कार्यक्रम ABVP द्वारा आयोजित किया गया था, इसलिए अगर उन्हें गाना अनुचित लगा था, तो उनके सदस्यों को बीच में दखल देना चाहिए था।
रावल ने सवाल किया, "जब कार्यक्रम ABVP द्वारा आयोजित किया गया था और उनकी मौजूदगी में ऐसा गाना बजाया गया, तो इसे क्यों नहीं रोका गया?" उन्होंने आगे कहा कि वायरल वीडियो से युवाओं को दिए जा रहे संदेश को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
How is this dance not vulgar from the stage of 'Akhil Bhartiya Vidyarthi Parishad'?
— Treeni (@treeni) April 14, 2026
Our acceptance to such filth is the reason where we are today.
From our religious festivals' DJs to weddings, everything has been polluted because we kept silence.
Can't support this, sorry 🙏 pic.twitter.com/p99pgmakvv
#Vadodara
— Benefit News 24 (@BenefitNews24) April 13, 2026
એમ.એસ. યુનિવર્સીટીમાં વિદ્યાર્થીઓ ભાન ભૂલ્યા
સંસ્કારીનગરીની યુનિવર્સિટીમાં સંસ્કાર ભૂલાયા
એબીવીપી દ્વારા સંસ્કાર સંગમ કાર્યક્રમ યોજાયો હતો
આર્ટ્સ ફેકલ્ટી ખાતે કલ્ચરલ કાર્યક્રમ રાખવામાં આવ્યો હતો
વિદ્યાર્થીનિનો અશ્લિલ ડાન્સ સોશયલ મીડિયામાં થયો વાયરલ#MSUniversity… pic.twitter.com/swLsmZgUID
A major controversy has erupted around a student from Maharaja Sayajirao University of Baroda, Vadodara, after her dance performance at a campus cultural event was labelled “vulgar” and “against samskar” by members linked to Indian National Congress and National Students' Union… pic.twitter.com/KMXOjYZzYw
— Saravanaprasad Balasubramanian (Modi ka Pariwar) (@BS_Prasad) April 14, 2026
