वट अमावस्या 2026: पूजा विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी
वट अमावस्या 2026 का महत्व और पूजा विधि जानें। इस दिन शनि जयंती का शुभ संयोग है, जिससे शनि देव की उपासना का विशेष महत्व है। जानें इस दिन के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।
| May 15, 2026, 13:19 IST
वट अमावस्या का महत्व
ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट अमावस्या, जिसे बरगदी और बड़ अमावस्या भी कहा जाता है, इस बार शनिवार को आएगी। इस दिन शनि जयंती का विशेष संयोग भी बन रहा है। इस अवसर पर वट वृक्ष और शनि देव की पूजा का विशेष महत्व है। जिन लोगों पर शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है, उन्हें इस दिन शनि की उपासना अवश्य करनी चाहिए।
वट अमावस्या शुभ मुहूर्त 2026
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:45 तक
- शुभ उत्तम: 07:12 AM से 08:54 AM
- चर सामान्य: 12:18 PM से 02:00 PM
- लाभ उन्नति: 02:00 PM से 03:42 PM
- अमृत सर्वोत्तम: 03:42 PM से 05:23 PM
- लाभ उन्नति: 07:05 PM से 08:23 PM
वट अमावस्या पूजन विधि
- इस दिन सुबह नदी में स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए।
- यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है, इसलिए पितरों का तर्पण अवश्य करें और उनके नाम से दान करें।
- कई महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखती हैं और बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।
- बरगद के पेड़ पर दीपक जलाना भी आवश्यक है।
- शनि जयंती के अवसर पर शनि के मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और दान करना चाहिए। इससे शनि दोषों से मुक्ति मिलती है।
