लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए नया विधेयक पेश

लोकसभा में मंगलवार को 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस विधेयक को पेश करते हुए बताया कि यह पेपर लीक से संबंधित कानून को सख्त बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने UPA सरकार के दौरान हुई पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख किया और कहा कि यह विधेयक छात्रों के कल्याण की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। जानें इस विधेयक के पीछे की वजह और इसके महत्व के बारे में।
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सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा

मंगलवार को संसद के मॉनसून सत्र के सातवें दिन, लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर विचार शुरू हुआ। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस पेपर लीक विरोधी विधेयक को पेश करते हुए बताया कि यह संशोधन पेपर लीक से संबंधित कानून को और अधिक सख्त बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, और मोदी सरकार ने 2024 में परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए आवश्यक कानून लाने का कार्य पूरा किया है।


पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख

जितेंद्र सिंह ने UPA सरकार के दौरान हुई पेपर लीक की घटनाओं की सूची प्रस्तुत की, जिसमें 2009 में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड, 2011 में ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन, 2012 में AIIMS नई दिल्ली एंट्रेंस पेपर लीक, और 2013 में महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह इन घटनाओं की सूची बनाते रहे, तो विधेयक पर चर्चा नहीं हो पाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार के तहत चार प्रमुख रिक्रूटमेंट एजेंसियां हैं - UPSC, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल।


NTA की स्थापना का उल्लेख

उन्होंने बताया कि NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की स्थापना भी इसी सरकार ने 2017 में की थी। 1992 में, कांग्रेस पार्टी की अगुवाई वाली सरकार से एक कॉमन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने की सिफारिश की गई थी। 2010 में, UPA के कार्यकाल के दौरान भी इसी तरह का सुझाव दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ने इस अधूरे कार्य को पूरा किया है।


विधेयक का महत्व

जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह नया विधेयक, जो पहले के 'पब्लिक एग्जामिनेशंस प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024' में संशोधन है, छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इसे भारतीय संसद के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कानून बताया, जो 'भारत माता' के बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।