लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर हंगामा, राहुल गांधी का बयान विवादित
लोकसभा में हंगामे का माहौल
बुधवार को लोकसभा में 'एंटी-पेपर लीक बिल' पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान काफी शोरगुल हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट चलाने का आदेश दिया। NDA के नेताओं ने उनकी बातों पर कड़ी आपत्ति जताई और उनसे माफी की मांग की। इस हंगामे के कारण स्पीकर को कार्यवाही को दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित करना पड़ा। जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो इसे दो मिनट के भीतर ही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद, लोकसभा ने 'एंटी-पेपर लीक बिल' को ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसी बीच, राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट के दौरान 'वंदे मातरम बिल' भी पारित हुआ।
लोकसभा की कार्यवाही का विवरण
दिल्ली में पिछले सप्ताह प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लोकसभा की बैठक कुछ ही मिनटों में स्थगित कर दी गई। सदन में प्रश्नकाल भी नहीं हो सका।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बार-बार यह स्पष्ट किया गया है कि कोई गोली नहीं चलाई गई, केवल आँसू गैस का इस्तेमाल किया गया। ऐसा आदेश देने का अधिकार केवल मजिस्ट्रेट के पास होता है, मंत्री के पास नहीं।
सरकार ने जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से संबंधित कानून में संशोधन करने का प्रस्ताव भी बुधवार को लोकसभा में पेश किया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।
राज्यसभा की कार्यवाही
राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की नीति के कारण राष्ट्रगीत का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' के विरोध का मतलब 'भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग' के मनोबल को बढ़ाना है। उच्च सदन में राय ने यह बात राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए कही। उनके जवाब के बाद सदन ने इस विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच कुछ सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान यातायात जाम, सरकारी स्कूलों में खेल के मैदानों की स्थिति और खाली पड़ी जमीनों में सौर ऊर्जा उत्पादक संयंत्र लगाने के मुद्दे उठाए और सरकार से इनके समाधान की मांग की।
