लालजीत सिंह भुल्लर: विवादों में घिरे पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री
पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर एक गंभीर राजनीतिक विवाद में फंसे हुए हैं। गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के बाद भुल्लर पर गंभीर आरोप लगे हैं। जानें उनके विवादित राजनीतिक सफर और हालिया घटनाक्रम के बारे में।
| Mar 22, 2026, 15:54 IST
राजनीतिक विवाद का केंद्र
पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर इस समय एक गंभीर राजनीतिक विवाद में फंसे हुए हैं। अमृतसर में स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की कथित आत्महत्या के बाद, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भुल्लर से इस्तीफा देने की मांग की है।
आत्महत्या का वीडियो और आरोप
रंधावा ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री भुल्लर ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और आत्महत्या के लिए मजबूर किया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर दबाव डाला, जिसके परिणामस्वरूप निष्पक्ष जांच की मांग की गई। पुलिस ने रंधावा की पत्नी की शिकायत पर भुल्लर, उनके पिता और पीए के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भुल्लर का राजनीतिक सफर
भुल्लर का विवादित सफर
तरनतारन की पट्टी सीट से विधायक लालजीत सिंह भुल्लर का राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 2022 के चुनावों में उन्होंने कई दिग्गज नेताओं को हराकर 'आप' के प्रमुख चेहरों में अपनी पहचान बनाई, लेकिन विवादों ने उन्हें घेर लिया।
विपक्षी हमले और विवाद
कैबिनेट मंत्री बनने के बाद, उनका एक वीडियो सामने आया जिसमें वे चलती गाड़ी की सनरूफ से बाहर निकलकर नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, जिसके बाद विपक्ष ने उन्हें 'उड़ता मंत्री' का नाम दिया।
इसके अलावा, 26 जनवरी 2021 को लाल किले पर हुए हंगामे के दौरान दीप सिद्धू के साथ उनकी उपस्थिति वाले वीडियो ने भी विवाद को जन्म दिया, जिस पर भाजपा और कांग्रेस ने उन पर 'राष्ट्र-विरोधी' गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।
साधारण से शक्तिशाली मंत्री बनने की कहानी
जमीनी कार्यकर्ता से पावरफुल मंत्री बनने की कहानी
लालजीत सिंह भुल्लर एक साधारण कृषि परिवार से हैं और आम आदमी पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने 2022 की 'आप' लहर में शिरोमणि अकाली दल के चार बार के विधायक आदेश प्रताप सिंह कैरों और कांग्रेस के हरमिंदर सिंह गिल जैसे दिग्गजों को हराकर बड़ी जीत हासिल की।
इसी सफलता के चलते उन्हें परिवहन विभाग का महत्वपूर्ण पद सौंपा गया था। हालांकि, लाल किला विवाद पर उन्होंने कहा था कि वे वहां केवल किसानों के समर्थन में गए थे, लेकिन हालिया आत्महत्या मामले ने उनके राजनीतिक भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
