लद्दाख के उपराज्यपाल ने सोनम वांगचुक को चेताया, भड़काऊ नैरेटिव से बचने की सलाह दी
उपराज्यपाल का महत्वपूर्ण संवाद
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 26 मई 2026 को राजभवन में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह बैठक केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ हाल ही में हुई रचनात्मक बातचीत के बाद आयोजित की गई। इस दौरान, उपराज्यपाल ने वांगचुक को क्षेत्र में 'गुमराह करने वाले नैरेटिव' फैलाने और सार्वजनिक चर्चा को प्रभावित करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि लद्दाख में राजनीतिक संवाद और विकास योजनाओं के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखना आवश्यक है।
खुली बातचीत का महत्व
सक्सेना ने बताया कि इस मुलाकात में उन्होंने वांगचुक और उनकी पत्नी के साथ खुली बातचीत की। उन्होंने लद्दाख में राजनीतिक संवाद और विकास पहलों के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भड़काऊ नैरेटिव से बचने की चेतावनी
एक सोशल मीडिया पोस्ट में, सक्सेना ने कहा, "केंद्रीय गृह मंत्रालय में हुई रचनात्मक बातचीत के संदर्भ में, मैंने वांगचुक और उनकी पत्नी के साथ खुली चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि विकास और राजनीतिक संवाद में सकारात्मकता बनाए रखना आवश्यक है।" उन्होंने वांगचुक को चेतावनी दी कि भड़काऊ नैरेटिव से बचना चाहिए, जिससे सार्वजनिक चर्चा का माहौल खराब होता है।
लद्दाख और मणिपुर की तुलना पर विचार
सक्सेना ने बताया कि वांगचुक ने स्वीकार किया कि लद्दाख की स्थिति की मणिपुर से तुलना करना एक 'गलती' थी। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने यह भी बताया कि उन्हें 'कॉकरोच पार्टी' के उद्गम के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है और वे इसके संस्थापकों के उद्देश्यों का अध्ययन करेंगे।
विरोध प्रदर्शन पर सलाह
उपराज्यपाल ने वांगचुक को केंद्र सरकार के साथ बातचीत में हुई सकारात्मक प्रगति के बीच रैलियों और विरोध प्रदर्शनों से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बार-बार रैलियां करने से लद्दाख के पर्यटन क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
NSA के तहत हिरासत रद्द
केंद्र सरकार ने मार्च में वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत हिरासत रद्द कर दी थी। यह निर्णय उनकी गिरफ्तारी के लगभग छह महीने बाद आया, जब लद्दाख में राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे।
संविधानिक सुरक्षा की मांग
हाल ही में लद्दाखी समूहों और गृह मंत्रालय की उप-समिति के बीच एक बैठक हुई, जिसमें लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राज्य का दर्जा देने की मांग पर चर्चा की गई।
विरोध प्रदर्शनों का संदर्भ
वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था, जो लेह में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद हुआ था। इन झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। बाद में, अधिकारियों ने उनकी हिरासत का आदेश रद्द कर दिया।
सोशल मीडिया पर संवाद
Had a candid exchange with Shri Sonam Wangchuk and Smt. Gitanjali Angmo in the backdrop of the constructive dialogue in the Union Home Ministry. We agreed that an air of positivity, both in terms of development initiatives and political dialogue, needs to be maintained.
— LG Ladakh (@lg_ladakh) May 26, 2026
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