लखीसराय में NEET परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, 30 गिरफ्तार

बिहार के लखीसराय में NEET परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें परीक्षार्थी और मेडिकल छात्रों का नाम शामिल है। जांच में यह पता चला है कि कुछ प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों के छात्रों ने भी इस फर्जीवाड़े में भूमिका निभाई है। प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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बिहार में NEET परीक्षा में फर्जीवाड़े का मामला


बिहार के लखीसराय जिले में NEET परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें परीक्षार्थी, कथित सॉल्वर, तकनीकी स्टाफ और कुछ मेडिकल छात्रों का नाम शामिल है। इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


सॉल्वर रैकेट का खुलासा

जानकारी के अनुसार, विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी के दौरान यह पता चला कि कुछ अभ्यर्थियों की जगह पर अन्य लोग परीक्षा देने पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच में यह मामला एक संगठित सॉल्वर रैकेट से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जो पैसे लेकर या मिलीभगत से डमी कैंडिडेट्स को परीक्षा में बैठाने का कार्य कर रहा था।


AIIMS और BHU के छात्रों की संलिप्तता

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क में देश के कुछ प्रमुख मेडिकल संस्थानों के छात्रों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इनमें AIIMS, BHU और दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों के MBBS और अन्य मेडिकल छात्रों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन छात्रों ने पैसे लेकर या नेटवर्क के दबाव में आकर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दी।


खुलासे की प्रक्रिया

परीक्षा केंद्रों पर नियमित जांच के दौरान कुछ अभ्यर्थियों की पहचान और बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद केंद्रों पर तैनात अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों को मौके से हिरासत में लिया गया।


गिरफ्तारी और जांच का विस्तार

प्रशासन के अनुसार, अब तक कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें परीक्षार्थी, डमी कैंडिडेट्स, एजेंट और कुछ सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज कर पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी है।


अधिकारियों का कहना है कि यह केवल कुछ व्यक्तियों का मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह हो सकता है जो विभिन्न राज्यों में सक्रिय है।


परीक्षा प्रणाली पर सवाल

इस घटना ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों और अभिभावकों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।


विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं।


प्रशासन की सख्ती

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।


आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ट्रेस करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।


निष्कर्ष: लखीसराय में सामने आया यह मामला NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में गंभीर सुरक्षा चूक और संगठित फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है, जिसकी जांच अब कई स्तरों पर जारी है।