लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 26 अक्टूबर को

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। इस मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत याचिका पर चर्चा होगी। जानें इस मामले की न्यायिक स्थिति और पीठासीन अधिकारी के आचरण पर उठे सवालों के बारे में।
 | 
gyanhigyan

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तारीख


नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2021 में हुए लखीमपुर खीरी हिंसा से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर निर्धारित की है। इस घटना में किसानों के आंदोलन के दौरान आठ लोगों की जान गई थी।


मामले की न्यायिक स्थिति

समाचार स्रोतों के अनुसार, यह सुनवाई उस समय हो रही है जब मामले का न्यायिक विचारण अपने अंतिम चरण में है और पीठासीन अधिकारी के आचरण की भी समीक्षा की जा रही है।


मुख्य न्यायाधीश की पीठ द्वारा सुनवाई

सर्वोच्च अदालत की वेबसाइट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। यह सुनवाई मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा की याचिका पर होगी।


आशीष मिश्रा की जमानत याचिका

आशीष मिश्रा ने पहले जमानत की अर्जी दी थी, जिसे स्वीकार किया गया था। उन्होंने जमानत की शर्तों में ढील देने का अनुरोध किया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने 6 अगस्त को इस पर कोई अतिरिक्त छूट देने से इनकार कर दिया।


मुकदमे की वर्तमान स्थिति

गवाहों की स्थिति: निचली अदालत में अभियोजन पक्ष के 130 गवाहों में से अब तक 86 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।


तय किए गए आरोप: दिसंबर 2023 में विचारण अदालत ने आशीष मिश्रा सहित 13 आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।


न्यायिक आचरण पर उठे सवाल

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अदालत में यह मुद्दा उठाया कि पीठासीन अधिकारी का रवैया आपत्तिजनक रहा है।


इस पर शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को त्वरित कार्रवाई करने और जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।


घटना का विवरण

3 अक्टूबर 2021 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम के विरोध में हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान एक एसयूवी ने चार किसानों को रौंद दिया, जिसके बाद उग्र भीड़ ने एक चालक और दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी। इस घटना में एक पत्रकार की भी जान गई।