लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पर छात्रा से अश्लील बातें करने का आरोप

लखनऊ विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह पर एक छात्रा से अश्लील बातें करने का आरोप लगा है। छात्रा ने दो ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत की हैं, जिसमें प्रोफेसर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने की बात कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति का गठन किया है। पुलिस ने प्रोफेसर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले के सामने आने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया और सख्त कार्रवाई की मांग की।
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लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पर छात्रा से अश्लील बातें करने का आरोप gyanhigyan

लखनऊ में विवादास्पद मामला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक गंभीर मामला सामने आया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर, डॉ. परमजीत सिंह, को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बीएससी फाइनल ईयर की एक छात्रा को फोन करके अश्लील बातें कीं।


ऑडियो सबूत

छात्रा ने इस संदर्भ में दो ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत की हैं, जिन्हें उसने विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा है। एक ऑडियो में प्रोफेसर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने की बात कर रहे हैं। इस मामले की शिकायत लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने महानगर थाने में दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने जानकारी दी कि 15 मई को लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने थाना महानगर में लिखित शिकायत दी थी। इसमें कहा गया कि प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह ने छात्रा के साथ अश्लील बातचीत की और उसे अनुचित लाभ का प्रलोभन दिया। छात्रा द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑडियो में परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने की बात की गई है।


इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति का गठन किया। परीक्षा नियंत्रक की शिकायत के आधार पर थाना हसनगंज में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त महानगर इस मामले की जांच करेंगे। आरोपी प्रोफेसर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


छात्रों का विरोध

डॉ. परमजीत सिंह जंतु विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं। इस मामले के उजागर होने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया और प्रोफेसर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेंगे और आंतरिक शिकायत समिति 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।