लखनऊ में भाजपा नेता की हत्या: सिगरेट देने से मना करने पर हुई वारदात

लखनऊ में भाजपा युवा नेता शिवम सिंह की हत्या की घटना ने सभी को चौंका दिया है। सिगरेट देने से मना करने पर तीन युवकों ने उन पर हमला किया, जिससे उनकी जान चली गई। घटना के बाद उनके दोस्त भाग गए, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस दिल दहला देने वाली घटना के बारे में और क्या हुआ।
 | 
लखनऊ में भाजपा नेता की हत्या: सिगरेट देने से मना करने पर हुई वारदात gyanhigyan

लखनऊ में भाजपा नेता की हत्या का मामला

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालिया घटना विभूति खंड थाना क्षेत्र के जलवा क्लब के बाहर हुई, जहां भाजपा युवा नेता की तीन युवकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।


घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, अयोध्या के भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य शिवम सिंह, जो रामनगर धौरहरा गांव के निवासी थे, 25 मई को अपने दोस्तों के साथ लखनऊ आए थे। वे जलवा क्लब में देर रात तक रहे। 26 मई की सुबह लगभग 3 बजे, जब वे क्लब से बाहर निकले, तो बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने शिवम से सिगरेट मांगी। शिवम ने पहली बार सिगरेट दी, लेकिन दूसरी बार देने से मना कर दिया।


हमलावरों का हमला

इस पर नाराज होकर तीनों युवकों ने शिवम की पिटाई की और वहां से भाग गए। शिवम ने अपने दोस्त आशीष को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसने उन्हें घर लौटने की सलाह दी। इसके बाद शिवम और उनके दोस्त वर्ना कार से रवाना हुए। रास्ते में, कठौता झील रोड पर, वही तीन बाइक सवार दोबारा लौट आए और उन्होंने कार पर ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।


दोस्तों का भागना

जब शिवम कार से बाहर निकले, तो हमलावरों ने उन पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से शिवम सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद उनके दोस्त नीलेश और जीशान उन्हें छोड़कर भाग गए। एक राहगीर ने शिवम को खून से लथपथ देखा और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें गोमती नगर के केएनएस अस्पताल में शिफ्ट किया गया।


इलाज के दौरान मृत्यु

आईसीयू में भर्ती शिवम की हालत बिगड़ती गई और 26 मई की रात को उन्होंने दम तोड़ दिया। शिवम के छोटे भाई सौरभ ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना सुबह 4 बजे मिली थी। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें तीन यूनिट ब्लड की आवश्यकता थी, लेकिन दोस्तों ने कोई मदद नहीं की। सौरभ ने इसे एक साजिश बताया।


पुलिस की कार्रवाई

भतीजे आयुष ने कहा कि शिवम ने फोन पर बताया था कि कुछ लोग उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंक रहे हैं। जब वे पहुंचे, तो कोई नहीं मिला। नीलेश मौर्य ने 27 मई को थाने जाकर पुलिस को बयान दिया और स्वीकार किया कि डर के मारे वे शिवम को छोड़कर भाग गए थे। विभूति खंड थाने के इंस्पेक्टर अमर सिंह ने कहा कि प्रारंभ में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।


सीसीटीवी फुटेज की जांच

पुलिस जलवा क्लब के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और नीलेश मौर्य से पूछताछ जारी है। भाजपा नेता अभिषेक प्रताप सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पोस्टमॉर्टम और औपचारिकताओं के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।