लखनऊ में बिजली संकट: सरकार ने 44 अभियंताओं को तैनात किया
लखनऊ में बिजली संकट की स्थिति
लखनऊ में बिजली की गंभीर कटौती के कारण सरकार की आलोचना हो रही है। विभिन्न स्थानों पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। आम जनता और राजनीतिक नेताओं का ध्यान बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर है। बिजली संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए, विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अधिशासी अभियंताओं का स्थानांतरण कर लखनऊ के उपकेंद्रों पर तैनात किया गया है.
सरकार का आदेश
सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक आवश्यकताओं के मद्देनजर कर्मचारियों को विभिन्न उपकेंद्रों पर तैनात किया जाएगा। इस आदेश के तहत, 44 अधिशासी अभियंताओं का ट्रांसफर लखनऊ के विभिन्न बिजली उपकेंद्रों पर किया गया है.
कर्मचारियों की कमी का मुद्दा
लखनऊ के कई क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटने, खराबी के समाधान में देरी और बिजली वितरण व्यवस्था में कर्मचारियों की कमी की समस्या सामने आई है। यह स्थिति नई 'वर्टिकल सिस्टम' लागू होने के बाद उत्पन्न हुई है, जिसके तहत लगभग 300 संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया था। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं के लिए कई डिजिटल सेवाएं भी शुरू की गई हैं, जैसे कि बिजली से जुड़ी जानकारी सीधे उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है.
डिजिटल सेवाओं का लाभ
नई व्यवस्था के तहत, उपभोक्ताओं को बिजली गुल होने की सूचना, लोड बढ़ाने से संबंधित सलाह और टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद शिकायत का विवरण प्राप्त होता है.
