लखनऊ में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर: धोखाधड़ी का मामला सामने आया

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक और युवती ने पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को धोखा देने की कोशिश की। उनकी उम्र केवल 21 वर्ष है और उन्होंने फर्जी तरीके से इंस्पेक्टर बनने के लिए पैसे दिए थे। जब जीआरपी ने उनकी जांच की, तो मामला खुल गया। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और क्या कार्रवाई की गई।
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लखनऊ में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर: धोखाधड़ी का मामला सामने आया gyanhigyan

लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर फर्जी पुलिसकारी का खुलासा

लखनऊ में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर: धोखाधड़ी का मामला सामने आया


लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक और युवती पुलिस की वर्दी में घूमते हुए नजर आए। उनकी वर्दी में कई अनियमितताएं थीं, जिससे स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को उन पर शक हुआ। जब जीआरपी की टीम ने इनकी जांच की, तो पता चला कि दोनों फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर हैं।


इनकी उम्र केवल 21 वर्ष है, और दोनों ने हाल ही में अपनी पढ़ाई पूरी की है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें डीजीपी मुख्यालय के पास चिड़ियाघर में ड्यूटी पर बुलाया गया था।


सीओ जीआरपी अमिता सिंह ने जब इनसे सवाल किए, तो पता चला कि ये दोनों धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। अजय प्रकाश और कलावती नाम के इन युवाओं ने कुछ लोगों को पैसे दिए थे, जिन्होंने उन्हें बताया था कि वे पुलिस में इंस्पेक्टर बन गए हैं।


अजय ने पांच लाख रुपये और कलावती ने चार लाख रुपये दिए थे। उन्हें कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया था, और बस एक फॉर्म भरवाकर उन्हें बताया गया कि उनकी तैनाती लखनऊ में की गई है। जब वे रिक्शा की तलाश कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया।


सीओ अमिता सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फर्जी वर्दी पहनने के आरोप में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।