लखनऊ में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में पांच गिरफ्तार
लखनऊ में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला
लखनऊ, 27 जुलाई: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म के आरोप में एक बुजुर्ग सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले की जानकारी दी। लखनऊ पुलिस ने रविवार रात एक बयान में बताया कि 24 जुलाई को शिकायतकर्ता ने सूचित किया कि उसकी 16 वर्षीय ननद 17 जुलाई को बिना बताए घर से चली गई थी।
काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। 23 जुलाई को यह जानकारी मिली कि दुर्गेश और उसकी पत्नी खुशबू ने ननद को बहला-फुसलाकर अपने घर में रखा है। बयान में कहा गया है, 'जब पुलिस वहां पहुंची, तो ननद ने बताया कि 18 से 20 जुलाई के बीच राबिया और उसके पति विनोद उसे मोटरसाइकिल से पीजीआई थाना क्षेत्र के एक होटल में ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया।'
उसने आगे बताया कि होटल में राबिया ने उसे द्वारिका रैदास (70) नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने तीन दिनों तक उसका यौन शोषण किया। पुलिस ने बताया कि इस शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश में शामिल होना), 64(2) (एक ही महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करना) और 137(2) (अपहरण) तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर रविवार को किसान पथ के पास से आरोपियों द्वारिका रैदास (70), विनोद रावत (20), दुर्गेश रावत (26), खुशबू (23) और राबिया (18) को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी लखनऊ जिले के निवासी हैं।
पुलिस के बयान में कहा गया है कि जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी द्वारिका रैदास ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नाबालिग लड़की के साथ जबरदस्ती यौन संबंध बनाए। बयान में यह भी कहा गया है कि विनोद रावत, दुर्गेश रावत और खुशबू ने आपराधिक मंशा के साथ मिलकर पीड़िता का अपहरण किया और उसे विभिन्न स्थानों पर बंधक बनाकर रखा। राबिया ने पीड़िता को होटल ले जाकर द्वारिका रैदास को बुलाने में मदद की, जिससे वह किशोरी के साथ जबरदस्ती यौन संबंध बना सका।
पुलिस ने कहा कि यह साबित हो गया है कि सभी आरोपियों ने आपसी तालमेल के साथ एक गंभीर अपराध किया।
