लखनऊ के डॉक्टर पर यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोप, पुलिस ने की गिरफ्तारी
डॉक्टर की गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
लखनऊ में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नाइक को यौन शोषण, धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अदालत से उसकी हिरासत की मांग कर सकती है।
पुलिस ने शुक्रवार शाम को नाइक को 50,000 रुपये के इनाम पर गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि नाइक की हिरासत में पुलिस उसके कथित अपराधों से पहले की घटनाओं की जांच करेगी।
जांच के दायरे में अन्य आरोप
डीसीपी ने कहा कि पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों, शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच बातचीत, अपराध की योजना और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच करेगी।
सूत्रों के अनुसार, नाइक के खिलाफ धर्मांतरण और गर्भपात से संबंधित आरोपों की भी जांच की जाएगी, जिसमें उसके परिवार के सदस्यों, विशेषकर उसके पिता की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं।
महिला डॉक्टर की शिकायत
एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने नाइक पर आरोप लगाया है कि उसने अपनी शादी छिपाई, शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया, जबरन गर्भपात कराया, धमकी दी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला।
22 दिसंबर को उसके खिलाफ बलात्कार, आपराधिक धमकी और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
विश्वविद्यालय की कार्रवाई
केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि नाइक को 22 दिसंबर को निलंबित किया गया था और उसे विश्वविद्यालय परिसर में आने से रोक दिया गया था।
आंतरिक समिति ने नाइक के खिलाफ सभी आरोपों को सही पाया और अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी।
रिपोर्ट के आधार पर, विश्वविद्यालय ने चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय को उसकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव भेजा है, जो राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से जूनियर रेजिडेंसी में उसका दाखिला रद्द करने की सिफारिश कर सकता है।
गिरफ्तारी और परिवार की स्थिति
पुलिस ने नाइक की गिरफ्तारी के लिए पहले ही 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके माता-पिता को 5 जनवरी को हिरासत में लिया गया था।
