रोहिणी आचार्य का तेजस्वी यादव पर तीखा हमला, परिवार में विवाद गहराया
रोहिणी आचार्य ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर तीखा हमला करते हुए परिवार में विवाद की स्थिति को उजागर किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि किसी महान विरासत को नष्ट करने के लिए बाहरी लोगों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि अपने ही लोग इस कार्य के लिए काफी होते हैं। यह विवाद तब उभरा जब आरजेडी को बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। जानें इस राजनीतिक संघर्ष की पूरी कहानी।
| Jan 10, 2026, 12:58 IST
रोहिणी आचार्य का बयान
रोहिणी आचार्य ने बिना किसी का नाम लिए अपने भाई और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तीखे पोस्ट में लिखा कि किसी "महान विरासत" को नष्ट करने के लिए बाहरी लोगों की आवश्यकता नहीं होती, अपने ही लोग इस काम के लिए काफी होते हैं। उनके शब्दों से यह स्पष्ट होता है कि परिवार के कुछ सदस्य अहंकार और गलत सलाह के चलते उस पहचान को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने उन्हें पहचान दिलाई।
आचार्य का तर्क
आचार्य ने एक्स पर लिखा कि एक "बड़ी विरासत" को तहस-नहस करने के लिए परायों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि अपने ही कुछ षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" इस कार्य के लिए पर्याप्त होते हैं। यह हैरान करने वाला है कि जिनकी वजह से पहचान बनती है, वही लोग उस पहचान को मिटाने पर आमादा हो जाते हैं।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
उन्होंने कहा कि जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है और अहंकार सिर चढ़ जाता है, तब "विनाशक" बुद्धि और विवेक को छीन लेते हैं। यह विवाद तब उभरा जब आरजेडी को बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। एनडीए ने भारी बहुमत से जीत हासिल की, जबकि आरजेडी को 140 सीटों में से केवल 25 सीटें मिलीं। भाजपा और जेडीयू ने क्रमशः 89 और 85 सीटें जीतीं, जबकि एनडीए गठबंधन ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 200 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया।
आरजेडी की स्थिति
आरजेडी के सहयोगी दलों को भी नुकसान उठाना पड़ा, कांग्रेस को केवल छह सीटें मिलीं और वामपंथी दलों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। प्रशांत किशोर की नवगठित जनसूरज पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई। आरजेडी की हार के एक दिन बाद, रोहिणी ने राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से संबंध तोड़ने की घोषणा की। एक भावुक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के खराब प्रदर्शन पर सवाल उठाने के बाद उनके भाई तेजस्वी यादव और आरजेडी सांसद संजय यादव ने उन्हें गाली दी और अपमानित किया।
रोहिणी का ट्वीट
बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी "बड़ी विरासत" को तहस - नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 10, 2026
हैरानी तो तब होती है , जब "जिसकी" वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के…
